
चंड़ीगढ: पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दूसरे दिन भी हंगामा जारी रहा. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश किया. कई दिनों तक चले विवाद के बाद राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने 27 सितंबर को विधानसभा सत्र बुलाने अनुमति दे दी थी.
सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद भगवंत मान ने कांग्रेस पर भी जमकर कटाक्ष किया. वहीं, AAP सरकार के विधानसभा में प्रस्ताव पेश करने के दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. 30 सितंबर को पंजाब विधानसभा के मुख्यमंत्री ने जो विशेष सत्र बुलाया था उसके दौरान कांग्रेस विधायकों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर हंगामा किया. जिसके बाद स्पीकर कुलतार सिंह संधवान ने सोमवार 3 अक्टूबर तक सत्र को बढ़ाने का फैसला किया है. अध्यक्ष ने कहा कि अगर वे नहीं माने, तो वह सोमवार को विपक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए मजबूर होंगे.
लेकिन इस बीच गौर करने वाली बात यह है कि इस तरह के विशेष सत्र बुलाने से पंजाब की जनता के साथ विश्वासघात है और न ही जनता के मुद्दों पर बात होती है. सदन को चलाने में हर दिन 70 लाख से 80 लाख रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन इस तरह के हंगामे से समय बरबाद होता है. ऐसे में सरकार को इन बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.







