
बिलासपुर- देश के विकास के लिए हमेशा बलिदान देने वाला हिमाचल प्रदेश का बिलासपुर जिला अब विकास की राह पर है। एम्स के बाद बिलासपुर जिला को हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज का तोफा दिया गया है। आपको बता दें कि ये देश का दूसरा हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज है। इस संस्थान का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 अप्रैल 2017 को शिमला दौरे के दौरान ऑनलाइन किया था। अब करीब साढ़े पांच साल बाद प्रधानमंत्री पांच अक्तूबर को मोदी ही औपचारिक रूप से इसे हिमाचल को समर्पित करेंगे।
एमओयू के समय यह थे मौजूद
हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से तकनीकी शिक्षा विभाग के निदेशक राजेश्वर गोयल, एनटीपीसी की ओर से क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक हाइड्रो केके सिंह और एनएचपीसी की ओर से कार्यकारी निदेशक (सीएसआर एंड एसडी) एच. मित्रा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे। तत्कालीन केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल, तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, हमीरपुर के सांसद अनुराग ठाकुर और प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली मौजूद थे।
एआईसीटीई की मंजूरी
ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजूकेशन (एआईसीटीई) ने बंदला में 2021-22 के बैच के लिए एक सितंबर 2021 को अनुमति दी। वहीं अब 21 सितंबर 2022 को पूरा कॉलेज बंदला शिफ्ट किया गया। वर्तमान में प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष की कक्षाएं बंदला में शुरू हुई हैं। 529 प्रशिक्षु सिविल और इलेक्ट्रिकल ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे हैं।
भविष्य की योजनाएं
भविष्य में मेकेनिकल और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में ट्रेड शुरू होंगे। वहीं कॉलेज में भविष्य में एमटेक और एमटेक के बाद सिविल और इलेक्ट्रिकल विषयों पर पीएचडी करवाने की योजना है।







