
सोनिया, खबरनाउ : एक बार फिर से सतलुज-यमुना लिंक (SYL) मामले में पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान और हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के बीच चंडीगढ़ के हरियाणा निवास में हुई मीटिंग बेनतीजा रही. बैठक में भगवंत मान ने नहर के निर्माण के लिए साफ़ इंकार कर दिया है और कहा है कि पंजाब के पास हरियाणा के लिए पानी है ही नहीं तो नहर के निर्माण का सवाल ही पैदा नहीं होता, वहीँ हरियाणा मुख्यमंत्री खट्टर ने नहर बनाने पर ज़ोर देने कि बात कही थी. सीएम भगवंत मान ने कहा कि हरियाणा पानी के बंदोबस्त के लिए प्रधानमंत्री मोदी से अपील करे।
मुख्यमंत्री मान का कहना है कि साल 1981 में हुए SYL एग्रीमेंट को 42 साल बाद लागू नहीं किया जा सकता, क्योंकि पंजाब का भूजल स्तर नीचे जा चुका है। मान ने कहा कि पहले पंजाब के पास 4.22 मीलियन फीट पानी था और अब कुल 12.24 मिलियन एकड़ पानी रह गया है। जबकि हरियाणा के पास 14.10 मिलियन फीट पानी है। अन्य नदियों का पानी भी हरियाणा के पास है, जिसे किसी खाते में नहीं रखा गया है।
CM मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अपने हक़ के लिए वो जल्द सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे. सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर विवाद पर दोनों राज्यों के CM की मीटिंग सुप्रीम कोर्ट (SC) के आदेश पर हुई। दोनों राज्यों को इस मुद्दे पर 19 जनवरी 2023 को कोर्ट में अपने जवाब दाखिल करने हैं। लेकिन इस मीटिंग में भी समस्या का कोई हल नहीं निकल सका है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट एक बार फैसला हरियाणा के हक में दे चुका है। 10 नवंबर 2016 को हरियाणा के पक्ष में फैसला दिया गया था। कोर्ट ने आदेश दिया था कि SYL का बकाया काम पूरा करके हरियाणा को पर्याप्त पानी दिया जाए। 28 जुलाई 2020 को कोर्ट ने केंद्र सरकार को दोनों राज्यों के बीच मध्यस्थता का आदेश दिया। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह मध्यस्थता की, मगर कोई नतीजा नहीं निकला।







