KHABAR NOW/चंडीगढ़: नगर निगम ने गरीबों को सस्ती दरों पर किराए पर मकान देने की योजना तैयार की है। निगम ग्राम पंचायत की भूमि पर फ्लैट बनाकर लोगों को छत मुहैया कराएगा। सदन की बैठक में निगम यह एजेंडा लेकर आ रहा है। सदन में एजेंडा पास होने के बाद निगम प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट बनाने के लिए केंद्र को पत्र लिखेगा। वहां से फंड आने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
कमिश्नर केके यादव ने बताया कि पिछले साल निगम में 13 गांव शामिल हुए थे। इन गांवों में ग्राम पंचायत की काफी भूमि खाली पड़ी है। मलोया में भी काफी भूमि खाली पड़ी है। प्रधानमंत्री आवास योजना की तहत दो प्रक्रिया हैं। एक जहां मकान बने हों वहां पर सीधे किराए पर दे दिए जाएं, दूसरा खाली भूमि पर फ्लैट बनाकर गरीबों, मजदूरों या जरूरतमंदों को दे दिया जाए।
यह प्रोजेक्ट पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत तैयार होगा। 25 साल के लिए बनने वाले इन फ्लैट्स के लिए निगम एक कमेटी बनाएगा। इसमें अधिकारियों के साथ 2 पार्षद भी होंगे ताकि पॉलिसी को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके। इसके लिए एक किराया लेने वाले व्यक्ति की भी तैनाती होगी। जो सभी से किराया लेगा और मरम्मत का कार्य भी देखेगा।
एक व दो कमरों का होगा फ्लैट
एजेंडे के अनुसार फ्लैट एक कमरा व 2 कमरों का होगा। एक कमरे वाले फ्लैट में बेडरूम के लिए 30 स्क्वायर मीटर व 2 कमरे वाले फ्लैट में बेडरूम के लिए 60 स्क्वायर मीटर जगह होगी। इसके अलावा एक रसोई, बाथरूम, टॉयलेट व 10 स्क्वायर मीटर का डोरमेटरी बेड का भी एरिया होगा। एक सामान्य परिवार के लिए इतनी जगह पर्याप्त मानी गई है।
ये लोग कर सकते हैं दावेदारी
मकान को किराए पर लेने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर, सरकारी मानक के अनुसार कम वेतन पाने वाले, मजदूर, प्रवासी मजदूर, शिक्षा से जुड़ा व्यक्ति, स्वास्थ्य से जुड़ा व्यक्ति, लंबे समय तक चंडीगढ़ में घूमने आने वाला व्यक्ति और छात्र यहां किराए से मकान ले सकते हैं। 31 अगस्त को सदन की बैठक आयोजित होगी।







