प्रदेश महिला आयोग की अदालत पांच दिसंबर को होगी. चुनाव आचार संहिता के बीच अदालत को लगाने की परमिशन मिल गई है. ऐसे में अब पहले की तरह ही लंबित मामलों की सुनवाई आयोग की अदालत में की जाएगी. इससे पहले विधानसभा चुनाव से पहले कोर्ट लगा था लेकिन नवंबर में कोड ऑफ कंडक्ट के चलते कोर्ट नहीं लग पाया था. बता दें कि प्रदेश में महिला उत्पीडऩ और प्रताडऩा के सबसे ज्यादा मामले जिला शिमला से सामने आ रहे हैं. महिला आयोग के पास एक साल में पहुंचीं शिकायतों के आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है,
आयोग के पास पूरे प्रदेश से एक साल में 178 शिकायतें आई हैं जिसमें से 61 अकेले शिमला जिला से हैं. महिला आयोग के अनुसार अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक आई इन शिकायतों में ज्यादातर पति और ससुराल पक्ष की ओर से प्रताडि़त करने के मामले हैं. 2020-21 की तुलना में 2021-22 में शिकायतों के आंकड़ों में बढ़ोतरी हुए है. महिला आयोग के पास पीडि़त महिलाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से शिकायतें दर्ज करवा सकती हैं. ऑफलाइन शिकायत के लिए महिला आयोग को घटित हुई पूरी घटना, अपने नाम, पते और फोन नंबर के साथ लिखकर अपने नजदीकी डाकघर से स्पीड पोस्ट करके दे सकते हैं. इसके अलावा ऑनलाइन शिकायत महिला आयोग की वेबसाइट पर की जा सकती है.







