खबरनाउ ब्यूरो: हिमाचल प्रदेश लक्ष्य से एक वर्ष पहले टीबी मुक्त हो जाएगा। केंद्र सरकार ने 2025 तक भारत को टीबी मुक्त करना का लक्ष्य निर्धारित किया है। गुरुवार को सचिवालय में सभी विभागों के अधिकारियों के लिए प्रधानमंत्री टीबी मुक्त अभियान (पीएमटीबीएमबीए) निक्षय मित्र पर एक अभिविन्यिास (ओरिएंटेशन) सत्र करवाया गया। सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रधान सचिव स्वास्थ्य सुभाशीष पंडा ने कहा कि प्रदेश सरकार इस गंभीर बीमारी को खत्म करने के लिए तीव्र गति से कार्य कर रही है। वर्तमान में इस बीमारी को सामाजिक कलंक माना जाता है, जिसके परिणामस्वरूप कई मरीज इलाज करवाने से कतराते हैं। इस तरह वे अपने परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों में भी इस बीमारी के फैलने की संभावना को बढ़ा देते हैं। उन्होंने कहा कि 70 लाख से अधिक जनसंख्या वाला छोटा राज्य होने के कारण हिमाचल यह लक्ष्य एक वर्ष पूर्व ही हासिल कर लेगा।
उन्होंने कहा कि सरकार तपेदिक रोगियों को वित्तीय और पोषण संबंधी सहायता प्रदान कर रही है। आशा कार्यकर्ता डॉट प्रदाता के रूप में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वीरवार को विश्व एड्स दिवस भी मनाया गया। यह पाया गया है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण एड्स रोगी क्षयरोग के शिकार हो रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि नशीली दवाओं के दुरुपयोग में शामिल युवा भी इस बीमारी से संक्रमित हो रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक हेम राज बैरवा ने बैठक की कार्यवाही का संचालन करते हुए बताया कि राज्य सरकार का लक्ष्य टीबी की व्यापकता दर को कम करना है। निदेशक स्वास्थ्य डॉ. गोपाल बेरी ने बताया कि राज्य में लगभग 15,000 हजार चिन्हित टीबी रोगी हैं, जिनमें 62 प्रतिशत पुरुष और 38 प्रतिशत महिलाएं हैं।


