
शिमला :- हिमाचल में नए मुख्यमंत्री की ताजपोशी हो चुकी है, नादौन विधानसभा से निकलकर सुखविंदर सिंह सुक्खू अब हिमाचल के मुख्यमंत्री होंगे।सुखविंदर सिंह सुक्खू एक आम परिवार से निकलकर जिन्होंने छात्र राजनीति में कदम रखा और आज हिमाचल के मुख्यमंत्री पद पर आसीन है सुक्खू का जन्म 26 मार्च 1964 को हमीरपुर के नादौन तहसील के एक छोटे से गांव सेरा में हुआ,सुक्खू के पिता हिमाचल पथ परिवहन निगम में बस चालक थे चार भाई-बहनों में सुक्खू दूसरे नंबर पर हैं, सुखविंदर सिंह सुक्खू का शुरुआती जीवन संघर्ष भरा रहा शिमला के छोटा शिमला में वह दूध बेचकर अपना गुजारा करते थे , साथ ही साथ छात्र राजनीति में भी सक्रिय थे नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे छात्र जीवन के दौरान एक आम छात्र कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने छात्र संगठन एनएसयूआई के लिए काम किया।
छोटा शिमला स्थित राजीव गांधी की प्रतिमा को स्थापित करने व उस स्थान का नाम सद्भावना चौक रखने में सुखविंदर सिंह सुक्खू का महत्वपूर्ण योगदान रहा है,माना जाता है कि यहीं से सुखविंदर सिंह सुक्खू के राजनीतिक करियर की शुरुआत हुई थी। शिमला के संजौली कॉलेज में पढ़ाई करते हुए हुए एनएसयूआई महासचिव और अध्यक्ष चुने गए ,बाद में युवा कांग्रेस के महासचिव बने 2008 तक युवा कांग्रेस के एक प्रमुख चेहरे के रूप में सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने राजनीतिक करियर को आगे बढ़ाया। सुक्खू शिमला में दो बार पार्षद भी रहे छोटा शिमला वार्ड से उन्होंने पार्षद के चुनाव भी लड़े, उसके बाद वे सक्रिय राजनीति में उतर गए और साल 2003, 2007 ,2017 और 2022 में नादौन से विधायक भी चुने गए ।
सुखविंदर सिंह सुक्खू हिमाचल कांग्रेस चुनाव समिति के अध्यक्ष भी रहे और वर्तमान में हिमाचल के मुख्यमंत्री बन चुके हैं, 11 अक्टूबर को रिज मैदान में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर द्वारा उन्हें मुख्यमंत्री की शपथ दिलाई गई,और अब वे हिमाचल के मुख्यमंत्री का पदभार संभाल चुके हैं। कांग्रेस के इतिहास में पहली बार एक सामान्य परिवार से निकला व्यक्ति हिमाचल की बागडोर संभाल रहा है जिसके पीछे सुखविंदर सिंह सुक्खू का बाल्यकाल से ही कड़ा संघर्ष रहा है , हिमाचल की राजनीति में भी इस तरह के नेताओं का उभरना हिमाचल के भविष्य के लिए सकारात्मक संदेश माना जा रहा है।

