सुधांशु ,खबरनाउ : केंद्र सरकार के आदेश पर सुशासन सप्ताह के तहत विधानसभा क्षेत्र गगरेट में आयोजित प्रशासन गांव की ओर कार्यक्रम में विधायक चैतन्य शर्मा के पिता उत्तराखंड सरकार में मुख्य सचिव रहे पूर्व नौकरशाह राकेश शर्मा द्वारा शिरकत करने और उस कार्यक्रम में अधिकारियों को दिशानिर्देश जारी करने पर पूर्व विधायक एवं भाजपा नेता राकेश कालिया ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त बताएं कि राकेश शर्मा किस हैसियत के साथ इस कार्यक्रम में अधिकारियों को दिशानिर्देश दे रहे थे और सरकारी कार्यक्रम में विधायक की संस्था वाईएसपी का झंडा किसके आदेश पर लगाया गया।
यहां आयोजित पत्रकारवार्ता में राकेश कालिया ने तल्ख तेवर दिखाते हुए कहा कि पंचायती राज संस्थाओं में निर्वाचित महिला प्रधान के कार्य में जब उसका पति दखल नहीं दे सकता तो फिर चुने हुए विधायक की गैर मौजूदगी में उसके पिता कैसे सरकारी कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि शिरकत करते हुए जनसमस्याएं सुन सकते हैं आैर किस हैसियत के साथ अधिकारियों को दिशानिर्देश दे सकते हैं। अच्छा होता अगर इन कार्यक्रमों में प्रशासन द्वारा तिरंगा झंडा लगाया होता लेकिन बड़े शर्म की बात है कि सरकारी कार्यक्रम में वाईएसपी का झंडा लगाया गया। जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अगर सरकारी कार्यक्रमों में विधायक के पिता व उनकी समाजसेवी संस्था की दखलअंदाजी यूं ही बढ़ती रही तो इसके खिलाफ जनांदोलन शुरू किया जाएगा। गगरेट की जनता ने इसलिए चैतन्य शर्मा को अपना विधायक चुना है ताकि वह जनता की समस्याआें का निराकरण करें न कि इसलिए कि वह खुद दिल्ली में रहें आैर उनकी जगह उनके पिता यहां बैठ कर राजपाठ चलाएं। उन्होंने कहा कि जब चैतन्य शर्मा ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी तो उन्हें इस बात का भलीभांति पता था कि इनकी विचारधारा कांग्रेस की नहीं है इसलिए ही उन्होंने कांग्रेस पार्टी को छोड़ा था लेकिन अब धीरे-धीरे कांग्रेसी कार्यकर्ताआें को भी इनकी असलियत का पता चल रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में धनबल से टिकट तो खरीदी जा सकती है लेकिन गगरेट की जनता का दर्द दिल्ली में बैठकर दूर नहीं किया जा सकता। इसलिए विधायक अब गगरेट में रहने की आदत डाल लें आैर नौकरी से सेवानिवृति पा चुके अपने पिता को भी अब आराम करने दें।
डीसी ऊना राघव शर्मा का कहना है कि मैं कार्यक्रम में नहीं गया था। मामले की आपके माध्यम से जानकारी मिली है, जिसको लेकर एसडीएम गगरेट से जानकारी जुटाई जाएगी।
भविष्य में ऐसा नहीं होगा
एसडीएम गगरेट सोमिल गौतम ने बताया कि जिस-जिस कार्यक्रम में मैं स्वयं उपस्थित रहा, उसमें ऐसा नहीं था। अगर अन्य कार्यक्रम में ऐसा हुआ है, तो अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसा न हो।
डीसी ऊना राघव शर्मा का कहना है कि मैं कार्यक्रम में नहीं गया था। मामले की आपके माध्यम से जानकारी मिली है, जिसको लेकर शिकायत मिलने पर जाँच की जाएगी।


