पूनम मेहता, शिमला : हिमाचल प्रदेश विधानसभा मानसून सत्र के आखिरी दिन भी कई मुद्दों को लेकर चर्चा हुई हैं। आज करुणामूलक मंच ने विधानसभा का घेराव किया उन्होंने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी के साथ विधानसभा परिसर के सामने विरोध प्रदर्शन किया। काफी लंबे समय से करुणामूलक आश्रित नौकरियां प्राप्त करने के लिए जद्दोजहद कर रहा हैं। ऐसे में उनका कहना है कि सरकार लंबे समय से उन्हें केवल आश्वासन देती आई है। उन्होंने कहा यदि सात दिनों के अंदर उनकी मांगे नही मानी गई तो वो सरकार के प्रति कड़ा रुख अपनाते हुए आंदोलन को बड़ा रूप देगें।
करुणामूलक संघ के उपाध्यक्ष अजय कुमार का कहना है कि सरकार ने जिन्हें करुणामूलक आधार पर नौकरीयां देने की बात कही थी उन्हें नौकरियों के आधार पर शर्तों से बांधा जा रहा है। उनका कहना है कि इन शर्तों को खत्म कर दिया जाए और जो 5% कोटे के साथ विभागों को बांध रखा है वह भी खत्म किया जाए। वहीं रही बात शैक्षणिक योग्यताओं की तो उनका कहना है कि जो भी करुणामूलक आश्रित के आधार पर नौकरी प्राप्त करना चाहते हैं। वह सभी अच्छे शिक्षण संस्थानों से पढ़े लिखे हैं तो ऐसे में सरकार जो लंबे समय से उन्हें आश्वासन देती आई है उसे पूरा किया जाए। उनका कहना है कि कई बार प्रशासन का दरवाजा खटखटाने के बाद भी उन्हें केवल झूठे आश्वासन दिए गए है।







