संवाददाता,कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर कोरोना के दौर में कभी दिल्ली तो कभी चंडीगढ़ पहुंच जाते हैं पर इनके दौरे कभी भी पहले से तय नहीं होते हैं। सुधीर शर्मा ने कहा कि ऐसा क्यों है कि मुख्यमंत्री के दौरे अचानक से बनते हैं और फिर उसके अंदर उनकी मीटिंग की कोई जानकारी नहीं लिखी होती है। मुख्यमंत्री किस से मिल रहे हैं और किस लिए मिल रहे हैं, यह सवाल पूर्व मंत्री और कॉंग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सुधीर शर्मा ने पूछे हैं।
सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि क्या वजह है कि मुख्यमंत्री अचानक से दिल्ली गए और शनिवार की छुट्टी के दिन चंडीगढ़ आ रहे हैं। जबकि चंडीगढ़ हिमाचल सरकार की इस दौर में कोई मीटिंग ही नहीं है, क्या ऐसा काम होगा मुख्यमंत्री को चंडीगढ़ में जो शनिवार को शाम तीन बजे आ रहे हैं। अगले दिन सुबह 10 बजे शिमला पहुंच जाएंगे, अब इस बीच में ऐसा क्या महत्वपूर्ण काम वो प्रदेश के लिए चंडीगढ़ में करेंगे।
सुधीर शर्मा ने कहा कि हमने भी सरकारों मे काम किया है और चाहे वीरभद्र सिंह हों या प्रेम कुमार धूमल, उन सभी के कार्यक्रमों की पूरी जानकारी होती थी। यहां तक कि अगर वो किसी की शादी में भी जाते थे तो भी लिखा होता था पर अब ऐसा नहीं हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्या वजह है कि मुख्यमंत्री के चंडीगढ़ आने का प्रोग्राम आनन फानन में बना और उससे पहले एक अधिकारी शिमला से ख़ास मुलाक़ात के लिए चंडीगढ़ पहुंचे हैं।
इस तरह की मुलाक़ातों की चर्चा आम होती जा रही है, मुख्यमंत्री को चाहिए की अगर ऐसा है तो इन लोगों को कार्यालय में मिलें जिससे पद की गरिमा बनी रहे। हाल में ही हुए प्रधानमंत्री के प्रदेश दौरे की जानकारी सार्वजनिक हो सकती है जो की सुरक्षा की दृष्टि से ठीक नहीं है और जिसकी जाँच के आदेश दिए गए हैं और जिसे प्रदेश सरकार की भारी चूक माना जा रहा है लेकिन प्रदेशों के मुख्यमंत्री ऐसी सुरक्षा के दायरे में नहीं आते।

