संवाददाता, सरकाघाट : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की सहमति से धर्मपुर में कोविड के नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जयराम सरकार द्वारा प्रदेश की आम जनता पर हर हफ्ते नई नई बंदिशें लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में मन्त्री के परिवार पर न तो कोविड के नियम लागू होते हैं और न ही सरकार की विभागीय आचार संहिता लागू होती है। मुख्यमंत्री जयराम की अध्यक्षता में गत दिनों हुई बैठक में बढ़ते कोरोना के मामलों के मद्देनजर सभी सरकारी समारोहों व उद्घाटनों पर रोक लगा दी गई थी।
वहीं प्रदेश में सभी स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया था। इसके अलावा शादी विवाह व अन्य समारोहों में भी 50 से अधिक लोगों के इकठ्ठा होने पर रोक लगा दी गई है। जिसके चलते धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक व वर्तमान सरकार में जलशक्ति मन्त्री महेंद्र सिंह ने अपना कार्य अपने बेटे को सौंप दिया है। जो आज़कल उनके स्थान पर उद्घाटनों के कार्य को अनाधिकारिक व गैर कानूनी तौर करने में लगे हुए हैं।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना के चलते सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदियों वह दिशा निर्देशों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। कोरोना महामारी की रोकथाम के निर्देश धर्मपुर के विधायक व मन्त्री के बेटे पर लागू नहीं होते हैं और वे पिछले कई दिनों से कहीं पर पँचायत भवनों के शिलान्यास कर रहे हैं तो कहीं पर युवाओं के टुर्नामेंटों के उदघाटन कर रहे हैं तो कहीं पर भाजपा की गांवों में बैठकें कर रहे हैं।
जिनमें सैंकड़ों लोगों की भीड़ इकठ्ठा की जा रही है और सरकार के दिशा निर्देश की धज्जियां उड़ाई जा रही है। लेकिन इस बाबत धर्मपुर का प्रशासन आंखे बंद किये हुए हैं। जबकि आम जनता के लिए ये सारे निर्देश लागू करने के लिए जुर्माना लगाया जा रहा है। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि गत दिनों मन्त्री के बेटे ने सिद्धपुर पँचायत भवन का लोकार्पण कर दिया और स्योह पँचायत में भी इसी प्रकार का सरकारी समारोह आयोजित किया। जबकि वह न तो कोई जनप्रतिनिधि हैं और न ही सरकार में कोई ओहदा रखते हैं केवल मात्र एक ही उपाधी उनके पास हैं कि वे मन्त्री के बेटे हैं और उस हैसियत में व पहले भी कई बार अपने पिता व मन्त्री की गैरहाजरी में सड़कों के शिलान्यास कर चुके हैं।
कई बार सरकारी कार्यक्रमों में मुख्यथिति बनते रहे हैं। लेकिन अब जब कोरोना महामारी का संक्रमण लगतार फैल रहा है और सरकार व मुख्यमंत्री इसकी रोकथाम के लिए लगे हैं तो उसी समय मन्त्री का बेटा अनाधिकारिक तौर पर सरकारी भवनों का उदघाटन करने में लगा है और भीड़ जमा कर रहा है। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इसी प्रकार जलशक्ति मन्त्री भी पिछले दिनों कई बार कोरोना काल में रोड़ शो कर चुके हैं और कई बार उन्होंने कोरोना रोकथाम के लिए गयात्री मंत्रों के नाम पर समारोहों में भाग लिया है और कभी चोलथरा में महिलाओं को कुकर वांटने के नाम पर हजारों की भीड़ जमा की जिनमें मन्त्री का बेटा औऱ बेटी भी साथ रहते हैं।
लेकिन आज़कल मन्त्री तो स्वयम किसी सरकारी समारोह में भाग नहीं ले रहे हैं लेकिन अब उनकी जगह बेटे ने ये कमान संभाल ली है। प्रदेश सरकार व मुखमन्त्री तथा प्रशासन मन्त्री के बेटे व परिवार की इन क़ानून तोड़ने वाली गतिविधियों के आगे असहाय है। इनके ख़िलाफ़ कोई कार्यवाई नहीँ कर रहा है। ज़िला पार्षद ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया है कि वे इस परिवार के आगे घुटने टेक चुके हैं और वे अपनी ही सरकार के दिशा निर्देशों को लागू नहीं करवा पा रहे हैं जो बहुत ही निंदनीय व चिंतनीय बात है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के नेता आम जनता का बेवकूफ बनाने पर उतारू हैं। वंशवाद पर राजनीति कर सत्ता में पहुंचे यह लोग मंत्री के परिवार वालों को किस मुंह से अपना आगामी नेता घोषित कर रहे हैं। जलशक्ति मंत्री के परिवार ने सरेआम राजशाही चला रखी है और प्रदेश के मुख्यमंत्री उनको सहमति दे रहे हैं। जिला परिषद सदस्य ने इसकी लिखित शिकायत प्रधानमंत्री को भेजने की बात कही। उन्होंने मांग की है कि धर्मपुर में लगातार सरकारी नियमों को तोड़कर मन्त्री के बेटे द्धारा सरकारी समारोहों में भाग लेने पर तुरंत रोक लगाई जाए और कोरोना के दिशा निर्देशों को इस राजपरिवार पर भी लागू किया जाये।


