स्पेशल डेस्क, धर्मशाला: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मैकलोडगंज के बी ओ टी बस स्टैंड मैं अवैध निर्माण के मामले पर फैसला सुनाया। कोर्ट ने इस बस स्टैंड में अवैध रूप से निर्मित होटल और अन्य इमारतों को गिराने के आदेश जारी कर दिए हैं। संबंधित कंपनी को दो हफ्तों के अंदर इन निर्माणों को तोड़ने के आदेश दिए गए हैं। और अगर कंपनी 2 सप्ताह के अंदर इन निर्माणों को नहीं तोड़ती है तो जिला प्रशासन को 1 महीने के अंदर अंदर उन्हें तोड़ने के आदेश दिए गए हैं।
अगर जिला प्रशासन और वन विभाग इन निर्माणों को तोड़ेगा तो इसका खर्चा संबंधित कंपनी से लिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीशों न्यायमूर्ति डॉक्टर धनंजय भाई चंद्रचूड़, इंदु मल्होत्रा व इंदिरा बनर्जी की बेंच ने सिविल अपील पर यह फैसला सुनाया।
आपको बता दें कि सन 2001 में मैक्लोडगंज में इस जगह पर बस स्टैंड बनाने की अनुमति दी गई थी। इसके बावजूद यहां पर अवैध रूप से होटल और रेस्टोरेंट बनाए गए थे। इससे पूर्व एनजीटी ने भी इन निर्माणों को गिराने के आदेश जारी किए थे।
याचिकाकर्ता अतुल भारद्वाज का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सत्य पर मुहर लगाई है। निर्माण के दौरान यहां पर एफसीए के नियमों का उल्लंघन हुआ है। जिसके बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने जहां पर पार्किंग और बस स्टैंड का निर्माण करने के आदेश दिए हैं।


