वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट 2021 में एल आई सी का आई पी ओ लाने की बात पर वरिष्ठ अभिकर्ता सुनील डोगरा ने बताया कि इससे एल आई सी के पालिसी होल्डर्स को डरने की जरूरत नही है। उन्होंने बताया कि भारतीय जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 में एलआईसी द्वारा बेची गई जीवन बीमा पॉलिसियों पर सॉवरेन गारंटी का प्रावधान शामिल है। जीवन बीमा निगम अधिनियम, 1956 की धारा 37 के अनुसार, कंपनी द्वारा जारी सभी पॉलिसियों का बीमा किया जाएगा और यदि कोई बोनस दिया जाना है तो नकद भुगतान की गारंटी केंद्र सरकार द्वारा दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि एलआईसी एक्ट में कहा गया है कि कॉर्पोरेशन द्वारा जारी की गई सभी पॉलिसी द्वारा सुनिश्चित रकम, जिसमें उसके संबंध में घोषित किए गए बोनस और धारा 14 में शामिल प्रावधानों के अधीन, भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा जारी की गई सभी पॉलिसी द्वारा सुनिश्चित की गई रकम, जिनके अंतर्गत देय हैं. इस अधिनियम के तहत कॉर्पोरेशन, और उसके संबंध में घोषित सभी बोनस, चाहे नियत दिन से पहले या बाद में, केंद्र सरकार द्वारा नकद में भुगतान के रूप में गारंटी दी जाएगी.इसलिए किसी भी पालिसी धारक को डरने की जरूरत नही है।
भारत के तीन चौथाई बीमा बाजार पर एल आई सी की पकड़ है. अब सरकार द्वारा एल आई सी के आई पी ओ लाने के फैसले को लेकर माना जा रहा है कि एल आई आई सी की लिस्टिंग के बाद कंपनी के कामकाज में पहले से और अधिक पारदर्शिता आएगी और कार्यवधता बढ़ेगी। उनका कहना है कि एल आई सी की अधिकतर पॉलिसी नॉन यूनिट लिंक हैं इसका मतलब है कि अगर शेयर बाजार में कोई उतार-चढ़ाव आता है तो इसका असर पॉलिसी पर नहीं देखने को मिलेगा. उन्होंने बताया कि एल आई सी का आईपीओ लांच होने को सभी सकारात्मक सोच से लें क्योंकि आप सभी को हिन्दुतान की सबसे सुदृढ़ कंपनी में हिसेदारी का मौका भी मिलेगा, तो जब भी एल आई सी का आईपीओ आये पालिसी के साथ साथ एल आई सी के शेयर खरीदने का लाभ भी उठाएं।







