देश में कोविड का दूसरा फेज़ चल रहा है और मामले लगातार बड़ते जा रहे हैं। और साथ ही साथ वैक्सीनेशन की प्रक्रिया भी जारी है और इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जल्द ही केन्द्र सरकार कोविड से बचाव के लिए विदेशी टीकों के आपातकालीन इस्तेमाल की अनुमति शीघ्र देने की प्रक्रिया में है। इससे देश में टीकाकरण की गति और इसका दायरा बढ़ाने में मदद मिलेगी। स्वास्थ्य और परिवार कल्णाय मंत्रालय ने घोषणा की है कि वह ऐसे विदेशी टीकों की तेजी से अनुमति देने का प्रयास कर रहा है, जिनके आपात इस्तेमाल की अनुमति अमरीकी खाद्य और औषधि प्रशासन, यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी और अन्य कई दवा नियंत्रकों द्वारा पहले ही दी जा चुकी है।
कोविड-19 टीकाकरण प्रशासन पर विशेषज्ञों के राष्ट्रीय समूह ने सिफारिश की है कि कुछ देशों द्वारा विकसित, निर्मित और आपातकालीन इस्तेमाल के लिए स्वीकृत तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन की सूची में शामिल वैक्सीन को भारत में इस्तेमाल करने की मंजूरी दी जाए।
संभावित वैक्सीन को अनुमति देने की प्रक्रिया में विलम्ब से बचने के लिए औषधि नियंत्रक द्वारा अनुशंसा किए जाने से पहले क्लिनिकल ट्रायल के प्रावधान में रियायत दी गई है। लेकिन समूह ने कहा है कि देश में टीकाकरण कार्यक्रम में इसे शामिल करने से पहले ऐसे वैक्सीन को पहले सौ लोगों को दिया जाए और अगले सात दिन तक उनकी निगरानी की जाए।
यह देश में कोविड महामारी का फैलाव रोकने के लिए टीकाकरण केंद्र द्वारा अपनाई गई महत्वपूर्ण कार्यनीतियों में से एक है। सरकार के इस फैसले से देश में विदेशी वैक्सीन की पहुंच तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी।

