हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाएं मंगलवार से शुरू होने जा रही हैं और इस दौरान बोर्ड कोरोना पॉजिटिव हुए छात्रों को बाद में परीक्षा देने की सुविधा देने की रियायत देने वाली है मगर परीक्षाओं से बचने के लिए छात्र कोरोना पॉजिटिव होने का बहाना नहीं बना सकेंगे। अगर छात्र ऐसा करेंगे तो उन्हें बाद में परीक्षा से वंचित होना पड़ सकता है। बोर्ड की ओर से सुबह के सत्र में दसवीं कक्षा का और दूसरे सत्र में जमा दो कक्षा की अंग्रेजी विषय की परीक्षा ली जाएगी। इस दौरान विद्यार्थी को पहली परीक्षा के दौरान कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट दिखानी होगी। तभी उसे दूसरी बार परीक्षा देने का मौका मिल सकेगा।
इसके अलावा अगर विद्यार्थी परीक्षा के बीच कोरोना पॉजिटिव होता है तो वह शेष बचे पेपरों को बाद में दे सकेगा। कोरोना पॉजिटिव विद्यार्थियों की बोर्ड प्रबंधन एक माह बाद परीक्षाएं लेगा, लेकिन इस दौरान केवल वही परीक्षार्थी परीक्षा में बैठ सकेंगे, जिनके पास पहली परीक्षा के दौरान कोरोना पॉजिटिव होने की मेडिकल रिपोर्ट होगी। ऐसा नहीं करने पर विद्यार्थियों को परीक्षा देने का मौका नहीं मिल सकेगा।
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी ने मीडिया से बातचीत बताया कि कक्षा में नियमित 1,16,954 छात्र परीक्षा में बैठेंगे, जबकि 14,931 परीक्षार्थी एसओएस में परीक्षा देंगे। इसके अलावा जमा दो की नियमित कक्षाओं से 1,00,982 परीक्षार्थी बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत हुए हैं, जबकि एसओएस में परीक्षा देने के लिए 13,944 परीक्षार्थियों ने अपना पंजीकरण करवाया है। यह प्रदेश भर में बनाए गए 2137 परीक्षा केंद्रों पर होगी।
कोरोना पॉजिटिव छात्रों की परीक्षाएं एक माह बाद ली जाएंगी, लेकिन उन्हें इस दौरान कोरोना पॉजिटिव होने की मेडिकल रिपोर्ट देनी होगी। नकल को रोकने के लिए भी तीन स्तरीय कमेटियों का गठन किया गया है। अभी तक तीन स्कूलों से कोरोना पॉजिटिव छात्र होने की सूचना मिली है। कुल कितने छात्र कोरोना पॉजिटिव हुए हैं, इसका पता पहले दिन होने वाली परीक्षा के दौरान चलेगा।


