पिछले दिनों में कोरोना के मामलों में जिस तरह से तेज़ी आई है उसने देश के भीतर जनता और प्रशासन को चिंता में डाल दिया है। बात करें कोरोना के इलाज की तो फ़िलहाल वैक्सीन कोवेक्सिन और कोविशिल्ड के अलावा रेमडेसिविर दवा का नाम बड़ी चर्चा में रहा है। और बताया जा रहा है कोरोना के उपचार में ये दवा काफ़ी कारगर साबित हुई है और इसी कड़ी में अब केंद्र सरकार ने रेमडेसिविर पर लगे आयात शुल्क को खत्म कर दिया है जिससे मरीजों को यह दवा कम दाम पर उपलब्ध हो सकेगी। कई कंपनियां रेमडेसिविर के उत्पादन में जुट गई हैं और अगले 15 दिनों में इसका उत्पादन दोगुना करने का प्रयास किया जा रहा है।
मगर एक ओर तो जहां इस दवा को तेज़ी से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर इस दवा की कालाबाजारी और अवैध उत्पादन के मामले जिस तरह से सामने आए हैं वो भी बड़ी चिंता का विषय है। ख़बर now ने भी इस मामले की गंभीरता को देखते हुए ख़बर के ज़रिए प्रदेश प्रशासन का ध्यान इस ओर लाने की कोशिश भी की। ख़ैर इस तरह के मामलों को रोकना प्रशासन के लिए चुनौती तो है मगर साथ ही ये प्रशासन का कर्तव्य भी है फिलहाल राहत की बात ये है की रेमिडीसविर पर से आयात शुल्क हटाना अभी एक आवश्यकता है। और इसी बात को समझते हुए केंद्र सरकार ने शायद ये फैसला लिया।


