कोरोना का असर देश में हर क्षेत्र की तरह शिक्षा के क्षेत्र में भी देखने को मिला है। और ज्यादातर स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटीज़ बंद पड़े हैं और विद्यार्थी घरों से ही क्लासिज़ अटेंड कर रहे हैं। मगर हमारे देश के शिक्षण संस्थानों का स्तर कैसा है और विश्व के सामने हमारे शिक्षण संस्थान कहां नजर आते हैं यह हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। टाइम्स ग्रुप की ओर से टाइम्स हायर एजुकेशन इंपैक्ट रैंकिंग (द वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग) जारी की गई जिसमें पूरे विश्व भर में लगभग 93 देशों की 1500 से ज्यादा विश्वविद्यालयों का मूल्यांकन संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास प्रोग्राम के तहत किया गया। इन विश्व भर के यूनिवर्सिटी लेवल शिक्षण संस्थानों का मूल्यांकन अलग-अलग क्षेत्रों जैसे अनुसंधान (research) प्रबंधन और शिक्षण संस्थानों में मूलभूत सुविधाओं को इस सूची का आधार बनाया गया, यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के ऑफिशियल टि्वटर अकाउंट से साझा की गई। शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने ट्विटर के माध्यम से बताया कि 17 अलग-अलग मापदंडों को आधार मानकर विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों का मूल्यांकन किया गया जिसमें शिक्षा की गुणवत्ता, लिंग समानता नव आविष्कारों और संस्थान की मूलभूत सुविधाओं जैसे पहलुओं को आधार रखा गया। MoE के अनुसार मिजोरम विश्वविद्यालय ने देश में 21 व स्थान हासिल किया और नॉर्थ ईस्ट में पहले स्थान पर रही।
अगर विश्वास स्तर पर भारत के संस्थानों का मूल्यांकन किया जाए और इस रैंकिंग कि अहम बातों पर गौर करें तो शीर्ष 100 शिक्षण संस्थानों में इंपैक्ट रैंकिंग में भारत का केवल एक शिक्षण संस्थान अपना स्थान बना पाया जो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास प्रोग्राम के मापदंडों को पूरा करता है। इसके अलावा रैंक 100 से 1000 के बीच। कुल 49 उच्च शिक्षण संस्थानों के नाम दर्ज है। और इसमें ज्यादातर गैर सरकारी संस्थान शामिल है।

