शिमला।प्रदेश में विगत दिनों में मौसम ने ऐसी करवट ली की प्रदेश के जिला शिमला, कुल्लू, मंडी और लाहौल स्पीति की जनता को भारी बरसात, ओलावृष्टि और बर्फबारी का सामना करना पड़। जिससे पहाड़ों पर चारो तरफ का नजारा ही बदल गया और पहाड़ सफ़ेद बर्फ की चादर से ढक गए। मगर इन सब के बीच इस क्षेत्र के बागवानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा।
इस स्थिति को देखते हुए हिमाचल प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने सूबे के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पत्र लिखकर बागवानों की इस समस्या की ओर ध्यान खींचने का प्रयास किया। निगम भंडारी ने मुख्मंत्री को संबोधित करते हुए लिखा कि हिमाचल प्रदेश की जीडीपी का बड़ा हिस्सा बागवानी से आता है पिछले 22 और 23 अप्रैल 2021 को हिमाचल में मौसम बिगड़ने से मध्यम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी हुई। अप्रैल माह के अंत में ऐसा नज़ारा कभी देखने को नहीं मिला। सेब, चैरी, प्लम, नाशपाती और खुमानी आदि फलों की सेटिंग होने के बाद बर्फबारी ने सारी फसल को नष्ट कर दिया है जिससे भगवानों की पूरी वर्ष की मेहनत पर पानी फिर गया है ऐसे में बागवानी से आमदनी कमाने वाले लोगों के लिए परिवार चलाना भी मुश्किल हो चुका है इस मुश्किल समय में आपसे मेरा आग्रह है कि सरकार बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेकर बागवानों के लिए मुआवजे की व्यवस्था करें और बागवानों द्वारा बनाए गए किसान क्रेडिट कार्ड पर लिए गए कर्ज को माफ करने का प्रयास किया जाए।
निगम भंडारी ने मुआवजे की बात कर गेंद अब सरकार के पाले में गिरा दी है अब देखना ये है कि आने वाले समय में बागवानों के लिए सरकार क्या कदम उठाती है।

