कोरोना काल को देखते हुए हिमाचल प्रदेश मैं लगभग सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है। यहां छात्रों की आवाजाही पर रोक है मगर सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में प्रिंसिपल और हेडमास्टर को जरूरत के हिसाब से कम से कम शिक्षकों और गैर शिक्षकों को बुला पाने की शक्तियां प्रदान की गई है। शिक्षा विभाग की ओर से इस बाबत निर्देश जारी कर दिए गए हैं इसके अलावा स्कूलों में 31 मई तक बिना लेट फीस के दाखिला लेने की प्रक्रिया भी जारी रहेगी
विभाग ने दाखिल प्रक्रिया जारी रखने, विद्यार्थियों को किताबें और राशन वितरित करने के लिए, ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़े कार्यों के लिए और परिसरों में सैनिटाइजेशन अभियान चलाने के लिए शिक्षकों और गैर शिक्षकों को जरूरत पड़ने पर बुलाने का फैसला लिया है।
शुक्रवार को शिक्षा सचिव की ओर से जारीनिर्देशों में कहा गया है कि एक मई तक प्रदेश में स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और कोचिंग संस्थानों में विद्यार्थियों के आने पर रोक रहेगी। इस दौरान शिक्षकों को भी अवकाश रहेगा। शिक्षकों को घरों से ही ऑनलाइन पढ़ाई करवानी होगी। विद्यार्थियों को व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से पढ़ाने का कार्य जारी रहेगा।
निजी स्कूलों को छोड़कर सरकार स्कूलों में दाखिले लेने वाले विद्यार्थियों को भी इन व्हाट्सएप ग्रुपों को जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। नर्सिंग, डेंटल और मेडिकल कॉलेज खुले रहेंगे। यहां कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए तय किए गए दिशा निर्देशों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
कोरोना के कारण शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है मगर इस से छात्रों की पढ़ाई का नुकसान न हो इस बात का ध्यान रखना बेहद महत्वपूर्ण है।

