बढ़ते कोरोना के बीच जहां पूरे प्रदेश में कर्फ्यू लगा दिया गया है वहीं इसमें स्थानीय शासन की जिम्मेवारी भी बढ़ गई है। इसी को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के शिमला ज़िला के जुब्बल तहसील के अंतर्गत आने वाली उतराखंड राज्य के साथ लगती आख़िरी पंचायत सोलंग में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पंचायत स्तर पर आपातकालीन बैठक बुलाई गयी जिसकी अध्यक्षता पंचायत प्रधान ने की,इसमें पंचायत प्रधान पवन कुमार,ज़िला परिषद् सदस्य कौशल मुँगटा, उपप्रधान मेहर सिंह चौहान,पंचायत सचिव संजीव मेहता विशेष रूप से मौजूद रहे! आपातकालीन बैठक में कोरोना के बढ़ते मामलों को मद्देनज़र पंचायती राज अधिनियम की शक्तियों का प्रयोग कर अपने स्तर पर कई कड़े फ़ैसले लिये गाए, जिसमें पंचायत में मौजूद सभी दुकानदारों को बिना मास्क व ग्ल्ल्ब्स के सामान बेचने पर 500 रुपये जुर्माना वसूल करना| बीमारी छिपाने वाले परिवारों के ख़िलाफ़ स्वयं पंचायत की ओर से FIR करना आदि शामिल है,
पंचायत उत्तराखंड की सीमा पर होने के कारण बाहर से आने वाले लोगों के लिये 7 दिन का आवश्यक कवारंटिन और RTPC रिपोर्ट अनिवार्य होगी, सभी आशा वर्कर की निगरानी में रहेंगे,गाँव में सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य ,सोलंग से बाजार की तरफ़ जाने वाली रूट की गाड़ियाँ कर्फ़्यू तक बंद रहेगी केवल आपातकाल स्तिथि पर चलेगी, कोरोना पोज़िटिव व्यक्ति का परिवार 14 दिनों तक आवश्यक कवारंटिन पर रहेगा, आँगनबाड़ी व आशावर्कर अपने क्षेत्र की मेडिकल हिस्ट्री और हालात से लगातार पंचायत को अवगत करवाएँगे ,
पंचायती राज अधिनियम 1994 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए
कोरोना के बढ़ते प्रसार को मद्देनज़र ये सभी सख़्त निर्णय लिए गए हैं और पंचायत के अंदर नियम बनाए गए हैं।

