नई दिल्ली: भारत में अभी कोरोना की दूसरी लहर पूरी तरह थमी भी नहीं, कि
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि डेल्टा कोविड-19 का सबसे ज्यादा संक्रामक वैरिएंट है, जिसकी कोरोना की तीसरी लहर में सबसे ज्यादा प्रभावशाली होने की भावनाएं जताई जा रही है। फिलहाल कोरोना डेल्टा वेरिएंट की पहचान दुनिया भर के 85 देशों में हुई है और यह उन देशों में तेजी से फैल रहा है, जहां आबादी के एक बड़े हिस्से का टीकाकरण नहीं हुआ है। डब्ल्यूएचओ के निदेशक टेड्रस अधानोम घेब्रेसस ने कहा है कि अब तक कोरोना के जिन वैरिएंट्स की पहचान हुई है, उनमें डेल्टा सबसे तेजी से फैलने वाला वैरिएंट हैं।
देश में टीकाकरण प्रक्रिया तेज मगर 18 वर्ष से कम आयु के लिए वैक्सीन ट्रायल फेज़ में
अभी भारत टीकाकरण फिलहाल जारी है और ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। अभी आवश्यकता है तीसरे फेज की चेतावनी को देखते हुए टीकाकरण की रफ्तार को बरकरार रखने की, ताकि डेल्टा वेरिएंट के भारत में प्रकोप से पहले ही देश देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों का टीकाकरण पूरा सके। इसके अलावा दूसरी चुनौती यह भी है, अभी 18 साल से कम आयु के लोगों के लिए वैक्सीन ट्रायल फेस पर है और विशेषज्ञों का कहना है कि तीसरी लहर छोटे बच्चों के लिए ज्यादा खतरा है ऐसे में 18 वर्ष से कम आयु के लोगों तक वैक्सीन मिल सके सरकार को यह भी सुनिश्चित करना होगा। इस ओर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है।

