नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 78वीं बार देश को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत ओलंपिक खेलों की बात करते हुए की. प्रधानमंत्री ने My Gov एप पर ओलंपिक को लेकर चल रहे क्विज में हिस्सा लेने के लिए कहा भी इसके साथ ही उन्होंने मिल्खा सिंह को याद करते हुए उन्होंने कहा कि बात ओलंपिक की हो रही हो तो मिल्खा सिंह को कौन भूल सकता है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने ओलंपिक में हिस्सा लेने जा रहे खिलाड़ियों के संघर्ष को भी याद किया. उन्होंने बताया कि कैसे सुविधाओं के अभाव में भी खिलाड़ियों ने अपनी तैयारियों पर असर नहीं पड़ने दिया. पीएम मोदी ने देशवासियों से भी खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने की अपील की. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों पर किसी तरह का दबाव ना बनाएं.
प्रधानमंत्री ने कहा, ”बात टोक्यो ओलंपिक की हो रही हो, तो भला मिल्खा सिंह जी जैसे महान एथलीट को कौन भूल सकता है! कुछ दिन पहले ही कोरोना ने उन्हें हमसे छीन लिया. जब वे अस्पताल में थे, तो मुझे उनसे बात करने का अवसर मिला था. बात करते हुए मैंने उनसे आग्रह किया था. मैंने कहा था कि आपने तो 1964 में टोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था, इसलिए इस बार जब हमारे खिलाड़ी, ओलंपिक के लिए टोक्यो जा रहे हैं, तो आपको हमारे एथलीट का मनोबल बढ़ाना है, उन्हें अपने संदेश से प्रेरित करना है.”
उन्होंने कहा, ”वो खेल को लेकर इतना समर्पित और भावुक थे कि ‘थे’ बीमारी में भी उन्होंने तुरंत ही इसके लिए हामी भर दी लेकिन, दुर्भाग्य से नियति को कुछ और मंजूर था. मुझे आज भी याद है 2014 में वो सूरत आए थे. हम लोगों ने एक Night Marathon का उद्घाटन किया था. उस समय उनसे जो गपशप हुई, खेलों के बारे में जो बात हुई, उससे मुझे भी बहुत प्रेरणा मिली थी. हम सब जानते हैं कि मिल्खा सिंह जी का पूरा परिवार sports को समर्पित रहा है, भारत का गौरव बढ़ाता रहा है .”







