धर्मशाला: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने जीएसटी के चार साल काे गम शुदा टैक्स करार दिया। शिमला से जारी एक प्रेस बयान में सुधीर शर्मा ने कहा कि केंद्र की माेदी सरकार ने जीएसटी के नाम पर आम आदमी और छाेटे व्यावसायियाें के साथ अन्याय किया। उन्हाेंने हैरानी जताते हुए कहा कि आज भाजपा नेता जीएसटी के चार साल पर जश्न मना रहे हैं, लेकिन जिन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा है उनसे जाकर पूछना चाहिए कि अच्छे दिन देख रहे हाे? या अभी इंतजार में हैं? पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने आराेप लगाया कि लाेगाें के साथ अन्याय कर हिमाचल प्रदेश के सांसद समेत जयराम सरकार के मंत्री भी जीएसटी के चार साल का गुण गा रहे हैं। गाैरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने पिछली बार जीएसटी काे गब्बर सिंह टैक्स बताया ताे अब हिमाचल के पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने इसे गुम शुदा टैक्स करार दिया है।
उपचुनावों में भाजपा के पास नहीं कोई मुद्दा
सुधीर शर्मा ने कहा कि 2009-10 में तेरहवें वित्त आयोग ने अपनी सिफारिशों में जीएसटी के लिए गुंजाइश बनाई थी। वर्ष 2011 में तत्कालीन वित्त मंत्री एवं पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने जीएसटी के लिए संविधान संशोधन बिल पेश किया था ताे तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और उन्होंने इसका तीखा विरोध किया था। आज यही भाजपा सरकार ने छाेटे काराेबारियाें के साथ धाेखा किया और अच्छे दिनों का सपना दिखा रहे हैं। सुधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश में हाेने वाले तीन उपचुनावाें में कांग्रेस की जीत तय है। मंडी संसदीय क्षेत्र, फतेहपुर और जुब्बल-काेटखाई विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव हाेना है। प्रदेश की भाजपा सरकार के पास उपचुनाव लड़ने के लिए काेई भी मुद्दा नहीं हैं। महंगाई, बेराेजगारी, क्राइम, काेविड-19 उपकरण खरीद में घाेटाला समेत एसे एजेंडे हैं, जसे देख जनता ने मन बना लया है कि हमें नहीं चाहिए ऐसी सरकार।

