शिमला: नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा की पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निधन से हिमाचल प्रदेश ने अपने सर्वश्रेष्ठ नेता को खो दिया।उन्होंने ने कहा की वीरभद्र सिंह के साथ आज एक स्वर्णिम राजनीतिक युग का दुःखद अन्त हुआ है।उन्होंने कहा की वीरभद्र सिंह ने लगातार हिमाचल प्रदेश के लोगों के दिलों पे राज किया और उनके द्वारा किय गय हिमाचल के विकास की इबारत प्रदेश के “चप्पे-चप्पे“पे अंकित है।
वीरभद्र सिंह के जाने से आज पूरा हिमाचल ग़मगीन है और सभी के चेहरों पे निराशा और उदासी साफ़ तौर पे देखी जा सकती है। उन्होंने कहा की वीरभद्र सिंह सियासत के अंदर एक ऐसा चेहरा थे जो छः दशक से देश और प्रदेश की राजनीति में सक्रिय थे , और उन्हें आज़ाद भारत के हर प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ,लाल बहादुर शास्त्री ,इन्दिरा गाँधी से लेकर अब तक के हर प्रधानमंत्री के साथ कार्य करने का गौरव हासिल है।
वीरभद्र सिंह 6 दफा प्रदेश के मुख्यमंत्री ,केंद्रीय मंत्री,
कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष ,विपक्ष के नेता रहे । मुकेश अग्निहोत्री ने कहा की ये वीरभद्र सिंह की लोकप्रियता और करिश्माई नेतृत्व का ही जलवा था जो वो हिमाचल के किसी भी कोने से जीत हासिल कर लेते थे ।
वीरभद्र सिंह ने अपने राजनैतिक सफर की शुरुवात 1962 में महासू लोकसभा क्षेत्र से जीत दर्ज़ कर के की , उसके बाद मंडी लोकसभा सीट, जुब्बल कोटखाई से विधान सभा का चुनाव और फिर रोहरु से विधान सभा का चुनाव , फिर शिमला ग्रामीण , और मौजूदा में अर्की विधान सभा क्षेत्र से विधायक थे ।
उन्होंने कहा कि की वीरभद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश का चहुमुखी विकास किया और उन्हें सदैव प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य क्रान्ति के सूत्रधार के रूप में याद किया जाएगा।उनकी सबसे बड़ी विशेषता उनका मानवीय दृष्टिकोण और गरीब की मदद उनकी प्राथमिकता थी।
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा आधुनिक हिमाचल के निर्माता की संज्ञा से विभूषित वीरभद्र सिंह की पहचान पूरे देश में एक फ़ाइटर राजनेता और कुशल प्रशासक की थी जिसका लोहा देश- प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी मानती है।

