चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस के अंदर पिछले कुछ समय से सियासी नोक झोंक जारी है और प्रदेश कांग्रेस दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है। इसी बीच आज पंजाब के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिले पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत उनसे मिलने उनके आवास पहुंचे।
पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अंदर इन दिनों सियासी घमासान मचा हुआ है और प्रदेश कांग्रेस दो धड़ों में बंटती नजर आ रही है। जहां एक धड़ा प्रदेश में सरकार की कमान संभाल रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह का है, तो दूसरे धड़े में कांग्रेस के ही बड़े नेता शामिल है जिनमें नवजोत सिंह सिद्धू एक प्रमुख नेता है। नवजोत सिंह सिद्धू लंबे समय से बड़ी मुखरता के साथ मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की मुखालफत करते आए हैं और पार्टी में उनके तानाशाही रवैया पर सवाल खड़े करते रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को देना पड़ा दखल
पंजाब प्रदेश कांग्रेस के अंदर बढ़ती जा रही थी और उससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह की यह आंतरिक कलह खुलकर सामने भी आ रही थी। इस अंतर कलह के चलते कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को भी पंजाब की सियासत में कूदना पड़ा, और पार्टी के अंदर चल रही इस आंतरिक कलह को सुलझाने के लिए कमेटी का गठन किया गया।
शुरू हुआ मुलाकातों का दौर
कमेटी के निर्माण के बाद मुलाकातों का दौर शुरू हुआ जहां पंजाब कांग्रेस के नेता दिल्ली में कमेटी के सामने अलग-अलग भेंट करने पहुंचे। कांग्रेस की तरफ से कमेटी में मलिकार्जुन खडगे और पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत भी शामिल थे। हालांकि यह सिलसिला पिछले काफी लंबे समय से चल रहा है, मगर अब पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत का मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास पर उनसे मिलना इस राजनीतिक कहानी को कौन सा नया मोड़ देता है यह देखना दिलचस्प होगा।







