नई दिल्ली: टोक्यो ओलंपिक 2020 में अपना दम दिखाने के बाद अनेकों भारतीय खिलाड़ियों ने कल घर वापसी की इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली में खिलाड़ियों का भव्य स्वागत किया गया। इन खिलाड़ियों में स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा, रजत पदक विजेता रवि कुमार दहिया, कांस्य पदक विजेता बजरंग पुनिया और लवलीना बोरगोहेन शामिल हैं। स्वदेश लौटने पर परिवार और समर्थकों के द्वारा इन खिलाड़ियों का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्वागत सत्कार किया गया जिसके बाद एक खिलाड़ी खेल मंत्रालय के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शरीक हुए। हालांकि रजत पदक विजेता मीराबाई चानू और बैडमिंटन में पदक विजेता पीवी सिंधु पहले ही भारत लौट चुकी थी।
आगामी ओलंपिक में टोक्यो ओलंपिक से जरूर बेहतर करेंगे भारतीय खिलाड़ी: अनुराग ठाकुर
स्वागत समारोह के बाद पदक विजेता खिलाड़ियों का खेल मंत्री अनुराग ठाकुर, विधि मंत्री किरेन रिजिजू और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों का अभिनंदन किया और इस मौके पर खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।
मौके पर खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस बार भारत की ओर से अबतक का सबसे बड़ा दल टोक्यो भेजा गया था और इसी बार भारतीय खिलाडि़यों ने अब तक के सर्वाधिक पदक हासिल किये।
उन्होंने कहा कि 41 वर्षो के भी ओलिम्पिक्स का रिकॉर्ड तोडेंगे।
विधि मंत्री किरेन रिजिजू ने भारतीय खिलाडियों के प्रदर्शन की प्रशंसा की और कहा कि 2028 में भारतीय खिलाडी अपने प्रतिद्वंदियों को कडी टक्कर देंगे।
खेल राज्य मंत्री निशिथ प्रमाणिक ने तोक्यो ओलिम्पिक में शानदार प्रदर्शन के लिए खिलाडियों और उनके प्रशिक्षकों की सराहना की।
टोक्यो ओलंपिक भारत के लिए क्यों इतना ख़ास
टोक्यो ओलंपिक 2020 भारत के लिए कई महीनों में खास रहा है। जहां एक और वर्षों के बाद ओलंपिक खेलों में हॉकी में भारत को पदक मिला तो वहीं पहली बार जैवलिन थ्रो के क्षेत्र से एथलेटिक्स में भी भारत को स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। इसी के साथ यह ओलंपिक खेल भारत के लिए यूं खास रहे, कि बार के ओलंपिक में भारत की स्थिति पदक तालिका में बेहतर नजर आई। जो ना केवल भारत के खेल के क्षेत्र में यश वर्धन के लिए आवश्यक है अपितु विश्व पटल पर भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ाने में भी मददगार है। और यही कारण है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारें भी हर तरीके से भारत के खिलाड़ियों के इस परिश्रम फल का हिस्सा होने में पीछे नहीं है।

