शिमला: एक बहुमुखी प्रतिभा का धनी व्यक्ति किसी भी क्षेत्र में अपनी एक अलग छाप छोड़ता है और इसमें उसके व्यावसायिक कौशल के अलावा उसका व्यक्तित्व और उसका व्यवहार एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।
शनिवार को उत्कृष्ट शिक्षा केन्द्र राजकीय महाविद्यालय संजौली में छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सुखद समापन हुआ। व्यक्तित्व विकास के महत्व को समझते हुए महाविद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे प्राध्यापकों और दूसरे कर्मचारियों के लिए कार्य दक्षता परिवर्धन के अंतर्गत व्यक्तिगत और व्यवसायिक जीवन में व्यवहारिक कौशल विकसित करने के लिए एक छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के जरिए मनुष्य की रोजमर्रा के जीवन में उपयुक्त शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और संवेदनात्मक प्रव्रीतियों और उनकी उपयोगिताओं पर विस्तृत विवेचन के माध्यम से प्रकाश डाला गया।
मानव व्यक्तित्व के विविध पहलुओं पर प्रकाश डालते विभिन्न विषयों के प्रोफेसरस
छह दिन तक चले इस कार्यक्रम में डॉ. नम्रता टीकू, डॉ. नीलम बाली, डॉ. नन्दिनी पठानिया, के साथ डॉ. अमन शर्मा, डॉ. पूर्णिमा चौहान और प्रो. विकास डोगरा ने स्रोत विद के रूप शामिल होकर मानव व्यक्तित्व से जुड़े विविध पहलुओं पर व्यख्यान दिये और इस दौरान मानव व्यवहार की सूक्ष्म और वयापक सनकल्पनाओ का विस्तृत विश्लेषण किया गया। प्राचार्य डॉ सी बी मेहता के अनुसार इस साप्ताहिक कार्यक्रम से सभी प्रतिभागियों ने बहुत कुछ सीखा है और साथ ही ये मानव-व्यवहार की विसंगतियों के निस्तारण के लिए बेहद उपयोगी सिध्द होगा।
व्यक्ति में अचार, व्यवहार और संस्कार विकसित करना कार्यक्रम का उद्देश्य
इस कार्यक्रम का समन्वयन प्रो. राजेश धोरटा ने किया तो कार्यक्रम के संयोजन का दायित्व डॉ. तुलसी रमण शर्मा के जिम्मे रहा इसके अलावा कार्यक्रम का संचालन डॉ. कामायनी बिष्ट ने किया । यह कार्यक्रम में महा विद्यालय के सभी प्राध्यापकों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया जो कर्मचारियों के लिए अकादमिक और व्यवहारिक स्तर पर अचार, व्यवहार और संस्कार विकसित करने में बेहद लाभदायक रहा।

