स्पेशल डेस्क: नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सरकार से पुलिस कर्मियों की वेतन विसंगति को जल्द दूर करने की मांग उठाई है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि क्या सरकार पुलिस कर्मियों को कर्मचारी नहीं मानती है और अगर उन्हें कर्मचारी मानती है तो उन्हें अन्य कर्मचारियों की तरह लाभ क्यों नहीं दिए गए।
विधानसभा सत्र में उठाया जाएगा पुलिस कर्मियों का मुद्दा
उन्होंने कहा कि अब पुलिस कर्मियों के परिवारों को न्याय के लिए सड़कों पर उतरना पड़ गया है। अगर सरकार पुलिस कर्मियों के मुद्दों को जल्द नहीं सुलझाएगी तो आने वाले विधानसभा सत्र में इस मांग को जोरशोर से उठाया जाएगा।
वादों को पूरा करने में नाकाम रही जयराम सरकार
अग्निहोत्री ने कहा कि उपचुनावों में हार के बाद सरकार चार साल पूरे होने का जश्न मनाने जा रही है जबकि इन्हें जनता ने पूरी तरह से नकार दिया है। चुनावों में बड़े बड़े वादे करके यह सरकार सत्ता में आई थी लेकिन उन वादों को पूरा करने में यह सरकार नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने इस सरकार को प्रदेश से बेदखल करने का मन बना लिया है।
संशोधित पे बैंड देने की मांग
बता दें कि पुलिसकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल ने जेसीसी को दिए एजेंडे में आठ साल के एक ही पे बैंड की अवधि को घटाने और संशोधित पे बैंड देने की मांग की थी। पुलिस कर्मियों का यह मुद्दा जेसीसी के एजेंडे में शामिल था, लेकिन इस पर फैसला नहीं होने से पुलिस कांस्टेबल नाराज हो गए।
पे बैंड की अवधि कम करने की मांग
वहीं, पिछले दिनों हुई जेसीसी की बैठक में सीएम जयराम ठाकुर ने अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने की अवधि तीन से दो साल करने का एलान किया लेकिन पुलिस कांस्टेबलों के पे बैंड की अवधि कम करने की कोई घोषणा नहीं की।
लंबे समय से चली आ रही मांगों को किया अनसुना
पुलिस कर्मचारियों में इस बात से भारी नाराजगी है कि जेसीसी में कर्मचारियों के एक वर्ग को तो सौगात दी गई, लेकिन उनकी लम्बे समय से चली आ रही मांगों को बिलकुल अनसुना कर दिया गया। जिसके चलते नाराज पुलिस कांस्टेबल सरकारी मैस का खाना छोड़ चुके हैं।







