स्पेशल डेस्क: भारत के दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। हरभजन सिंह ने शुक्रवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। हरभजन सिंह भारत की तरफ से टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक टेस्ट विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में चौथे नंबर पर हैं। इसके साथ ही उनके 23 साल के करियर का समापन हुआ।
पंजाब के हरभजन सिंह ने अपने शानदार करियर के दौरान 103 टेस्ट में 417 विकेट, 236 वनडे इंटरनेशनल मैचों में 269 विकेट और 28 टी20 इंटरनेशनल मुकाबलों में 25 विकेट निकाले हैं। लेकिन अब उन्होंने ट्वीट कर क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर लिया है।
हरभजन सिंह ने ट्वीट कर लिखा, “मैं उस खेल को अलविदा कह रहा हूं जिसने मुझे जीवन में सब कुछ दिया है, सभी अच्छी चीजें भी समाप्त हो जाती हैं। मैं उन सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने इस 23 साल के लंबे सफर को बेहतरीन और यादगार बनाया।”
हरभजन सिंह अगले IPL सीजन के लिए किसी एक टीम के साथ बतौर कोच या मेंटर जुड़ सकते हैं। बता दे कि बीते दिनों नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Siddhu) के साथ हरभजन की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इस तस्वीर के साथ ही उन्होंने लिखा था ‘‘संभावनाओं से भरी तस्वीर।” जिसके बाद उनके राजनीति में उतरने की भी अटकलें लगायी जा रही है।
भविष्य तय करने के लिए समय की जरूरत
वहीं, इन अटकलों पर हरभजन सिंह ने कहा कि उन्होंने इस मामले पर अभी फैसला नहीं लिया है। हरभजन ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि “साफ बताऊं तो मैं नहीं जानता कि आगे क्या होगा। मैं किस दिशा में आगे बढ़ना चाहता हूं, यह जानने के लिये 2- 3 दिन चाहिए। हां मैं समाज को वापस करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि अगर मैं राजनीति में उतरने का फैसला करता हूं तो मेरा मुख्य लक्ष्य लोगों की मदद करना है।”
हरभजन सिंह ने भारत के लिए अपना आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला साल 2016 में UAE के खिलाफ एशिया कप टी-20 में खेला था। वहीं हरभजन पिछले IPL सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ जुड़े थे।
टेस्ट क्रिकेट में बनाई थी शानदार हैट्रिक
टर्बनेटर के नाम से मशहूर हरभजन सिंह की गिनती दिग्गज ऑफ स्पिनरों के रूप में होती है। हरभजन ने अपनी गेंदबाजी से टीम इंडिया को कई मुकाबले जिताए है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच में हैट्रिक भी झटकी थी। हरभजन उस वक्त सिर्फ 21 साल के थे और उस मुकाबले के बाद हरभजन सिंह टीम इंडिया का अहम हिस्सा बन गए थे।
दरअसल, उन्होंने मार्च 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 32 विकेट झटके थे, जिसमें एक भारतीय द्वारा पहली टेस्ट हैट्रिक भी शामिल थी। यह उनके शानदार करियर के सबसे यादगार पलों में से एक है।


