सरकाघाट: भारतीय जनता पार्टी की कथनी और करनी में हमेशा जमीन आसमान का अंतर रहा है। इसका एक उदाहरण धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में भी सामने दिख रहा है। पूर्व जिला परिषद सदस्य व माकपा नेता भूपेंद्र सिंह ने कहा कि एक तरफ पार्टी के अध्यक्ष आम भाजपाई को नेता बनाने और परिवारवाद को खत्म करने की बात करके वाहवाही लूट रहे हैं तो वहीं दूसरी और उनकी पार्टी के मुख्यमंत्री परिवारवाद को बढ़ावा देने में जुटे हैं।
ऊपरी हिमाचल में भाजपा का झंडा बुलंद करने वाले नरेंद्र बरागटा के बेटे चेतन बरागटा की जुब्बल में परिवारवाद के नाम पर बलि चढ़ा दी गई। वहीं धर्मपुर में जयराम ठाकुर अपने सहयोगी मंत्री महेंद्र सिंह के बेटे को इशारा कर गए। मंत्री ने अघोषित रिटायरमेंट ले ली है और उनका बेटा जनप्रतिनिधियों को दरकिनार करके सरकारी कार्यक्रमों में मुख्यातिथि के रूप में पहुंच रहा है जो सरेआम लोकतांत्रिक प्रक्रिया की हत्या है।
पूर्व जिला परिषद सदस्य व माकपा नेता भूपेंद्र सिंह ने कहा कि धर्मपुर में पंचायत प्रतिनिधियों की जमकर उपेक्षा की जा रही है। जबकि प्रधानमंत्री से लेकर मंत्री तक भोले भाले कार्यकर्ताओं को सुनहरे सपने दिखाकर गुमराह कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र से वैसे तो महेंद्र सिंह ठाकुर को विधायक चुना गया हैं। लेकिन हकीकत में धर्मपुर में विधायक की भूमिका उनका बेटा ही निभाता है। मंत्री का बेटा ही ज़्यादातर सरकारी कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि की भूमिका निभा रहा है। सरकार की ओर से लाभार्थियों को दिए जाने वाले विभिन्न प्रकार के लाभों का वितरण भी वही करते हैं।
बता दें कि पिछले कल सजाओपीपलु विरष्ठ माध्यमिक स्कूल में एनएसएस के शिविर का समापन समारोह आयोजित किया गया। जिसमें मंत्री के पुत्र व भाजपा के सह मीडिया प्रभारी रजत ठाकुर को मुख्य अतिथि बनाया गया था। जबकि इसी वार्ड से मंत्री की बेटी व भाजपा महिला मोर्चा की राज्य महासचिव बन्दना गुलेरिया जिला पार्षद भी हैं लेकिन उनको भी इसके लिए नहीं बुलाया गया था।
भूपेंद्र सिंह ने कहा कि धर्मपुर में गैर भाजपा जनप्रतिनिधियों की पिछले चार साल से उपेक्षा होती आ रही है। अब मंत्री का बेटा गैर कानूनी और असवैधानिक तौर पर सारी भूमिका निभा रहा है। लेकिन अब तो मंत्री की बेटी और भाजपा नेत्री की भी उपेक्षा शुरू हो गई है। दो सप्ताह पूर्व 12 दिसंबर को भी अंबेडकर भवन सजाओपीपलु में पांच ग्राम पंचायतों के लाभार्थियों को गृहणी योजना के तहत रसोई गैस के चूल्हे भी मंत्री के बेटे ने ही वितरित किये जबकि कायदे से ये सामग्री सरकार में मंत्री या जनता द्धारा चुनी गई जिला परिषद सदस्य को वितरित करने चाहिए थे।
भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि मंत्री के इशारे पर ही ये सब हो रहा है। उन्होंने अभी से ही अगले चुनाव के लिए अपने बेटे को उत्तराधिकारी बनाने का मन बना लिया है। मंत्री का बेटा विधायक निधि में से स्कूलों में पुरस्कार राशी की भी घोषणा करता है और कई लोगों को आर्थिक मदद की भी वही घोषणा करता है।
पिछले कुछ दिनों से वे पंचायतों का भ्रमण कर विकास कार्यों की भी समीक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों को निर्देश भी जारी कर रहे हैं। उनके साथ सरकारी कर्मचारी भी दौरे में रहते हैं। लोकनिर्माण और जलशक्ति विभागों में ठेकों का आवंटन भी उन्हीं के कहे अनुसार होता है।जलशक्ति विभाग में जो मजदूर आउटसोर्सिंग आधार पर लगाये जा रहे हैं उनकी लिस्टें भी विभागों को उनके माध्यम से ही जाती हैं।
भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मंत्री के बेटे का क्रशर जो संधोल में लगा है उससे लगातार अवैध खनन माफिया सरताज बना हुआ है। सभी सरकारी विभागों को उसी क्रशर से रेत बजरी सप्लाई होता है और हर साल करोड़ो रूपये कमाये जा रही हैं। बाककर खड्ड में धड़ले से अवैध खनन हो रहा है जिसे पूछने वाला कोई नहीं है।
उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी अन्य पार्टियों को एक मंच पर इकठ्ठा करके चुनावों में उतरेगी और धर्मपुर में किसी भी सूरत में परिवारराज और वंशवाद को स्थापित नहीं होने देगी और इस कार्यकाल में यहां स्थापित जंगलराज को समाप्त करेगी।


