शिमला: हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने इंटर जिला ट्रांसफर हुए जेबीटी, सीएंडवी अध्यपको को 3 वर्ष से ज्यादा समय होने के बाद नियमित नही करने के लिए मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, सिरमौर, सोलन जिला निदेशकों की कार्यप्रणाली का विरोध किया है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के आग्रह पर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर ने जेबीटी ओर सीएंडवी अध्यापको के लिए अंतर जिला ट्रांसफर नीति बना कर 45000 शिक्षको को राहत दी थी।
इस नीति के तरह ट्रांसफर हुए शिक्षको को अपनी नियमितीकरण के लिए धके खाने पड़ रहे हैं। तीन वर्ष से ज्यादा समय बीतने के बाद भी यह लोग नियमित नही हुए। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ के प्रांत महामंत्री ने 29 तारीख को एक डेपुटेशन प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिक्षामंत्री गोविंद ठाकुर से मिलाया था। 28 तारीख को हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने यह विषय शिक्षा मंत्री के ध्यान में लाया था। आज भी इस विषय पर शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर से चर्चा की।
मामराज पुंडीर ने कहा कि कुछ जिलों के उप शिक्षा निदेशक ने बिना कागज पढ़े शिक्षा निदेशक को भेज दिए। जिससे यह मामला उलझता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों ने ट्रांसफर के बाद शिक्षको को नियमित कर दिए। कुछ उप शिक्षा निदेशकों ने यह शिक्षा निदेशक को प्रेषित कर दी। आज हमने शिक्षानिदेशक से आग्रह किया, उन्होंने इसे सचिव शिक्षा को भेज दी। इस प्रक्रिया में कई अध्यापक की नियमितीकरण कागजो में रह गई।
हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ इन अधिकारियों की शिकायत मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री सहित मुख्यसचिव से करेगा। यह अधिकारी सरकार द्वारा किये कार्यो को रोकने का काम कर रहे हैं। आज हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने पुनः शिक्षा मंत्री से इस विषय को उठाया। उम्मीद है कल इस मामले को सुलझा दिया जाएगा। मामराज पुंडीर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से नया वेतनमान जारी कर दिया है। ऐसे में इन अध्यापको को उस लाभ से वंचित रहना पड़ेगा। यह बहुत चिन्तनीय विषय है। इस विषय को मुख्यमंत्री के सामने लाकर इन अधिकारियों के कार्यशैली की शिकायत करेंगे।
शिक्षा निदेशक जो इन जिले में सेवाएं दे रहे हैं वह शिक्षा क्षेत्र से सम्बन्ध रखते है। परंतु उन्होंने इन अध्यापको के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। जब आप एक जिले से दूसरे में स्थानांतरित होते है तो सिर्फ वरिष्ठता खोते है, आपकी जोइनिंग वही रहती है जिस दिन जॉइन किया जाता है। पुंडीर ने कहा कि इस विषय को मंत्री और मुख्यमंत्री के ध्यान में लाने के बावजूद भी इन अध्यापको को नियमित नही किया गया, जिससे शिक्षको में भारी रोष है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ऐसे अधिकारियों का घेराव करेगा जो सरकार की छवि खराब करने का काम कर रहे हैं।







