शिरोमणी अकाली दल की मानता रद्द को लेकर होशियारपुर जिला कोर्ट में चल रहे केस का 11 वर्ष के लम्बे इंतज़ार के बाद ट्रायल शुरू हुआ, सोशल पार्टी की तरफ से बलवंत सिंह खेड़ा द्वारा शिरोमणी अकाली दल के खिलाफ जिला कोर्ट में एक याचिका लगाई थी
कि “शिरोमणी अकाली दल भारत के चुनाव आयोग को गुमराह कर अपना गलत हल्फिया ब्यान पेश कर दोहरे सविधान का इस्तेमाल कर रही है जिस में वो एक तरफ अपने आप को सेकुलर कहती है दूसरी तरफ सिक्खों की सिरमौर संस्था एसजीपीसी में चुनाब लड़ रही है और अपने आप को सिक्खों की एक मात्र धार्मिक पार्टी बता रही है इस लिए इस पर करवाई होनी चाहिए”
जिसको लेकर पार्टी के सुप्रीमो सरदार प्रकाश सिंह बदल, अध्यक्ष सुखबीर सिंह बदल व महा सचिव डॉक्टर दलजीत सिंह चीमा पहले ही जमानत पर है और आज कोर्ट में याचिका कर्ता की तरफ से अपने गवाह पेश किए गए लेकिन गवाहों द्वारा रिकॉड न पेश होने के चलते डेट 12-7-22 डाल दी गई और अगली तारीख को रिकॉड पेश करने की कोर्ट द्वारा गवाहों को हिदायत दी गई,, वही बचाव पक्ष की तरफ से एडवोकेट हरजिंदर सिंह मुलतानी व डॉक्टर दलजीत सिंह चीमा पेश हुए।
वही सोशल पार्टी की तरफ से गवाह के रूप में आज मंजीत सिंह तरणि कोर्ट में पेश हुए यहाँ कोर्ट द्वारा उनको अगली तारीख पर रिकॉड पेश करने को कहा गया वही पत्रकारों से बात करते हुए तरणि कहा कि ” अकाली दल झूठ पर चल रहा है 1989 में यदि अकाली दल सविधान में अमेंडमेंट करता तो अकाली दल को आज यह दिन न देखने पड़ते।”

