शिमला- पिछले कुछ समय से सेब बाजार में चल रही मदीं को देख कई सेब बागवान अपने सेब को स्टोर करने का सोच रहे है. लेकिन एचपीएमसी(HPMC) द्वारा घोषित भंडारण दर उनके लिए परेशानी का कारण बन गई है. हिमाचल प्रदेश बागवानी उत्पाद विपणन और प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) ने अपने चार सीए स्टोर पर सेब के भंडारण की दर एक महीने के लिए 2 रुपये प्रति किलो तय की है. जबकि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में निजी कोल्ड स्टोर का किराया 1.40 पैसे किलो प्रति माह है.
सेब उत्पादकों की परेशानी…
एचपीएमसी(HPMC) द्वारा भंडारण दर बढाने के बाद सेब उत्पादकों को सीए स्टोर की दर निजी स्टोर से अधिक नजक आ रही है. कुछ समय पहले सेब उत्पादकों ने सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाया था और उन्हें आश्वासन भी दिया गया था कि एचपीएमसी(HPMC) दरों को युक्तिसंगत बनाई जाएगी. एचपीएमसी(HPMC) के सीए स्टोरों का किराया अधिक होने के कारण बागवान बाहरी राज्यों के सीए स्टोर का रुख करने को मजबूर हो गए हैं. संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान का कहना है कि,” सरकारी एजेंसी होने के नाते एचपीएमसी(HPMC) का काम रेट नियंत्रित करना है, अगर एचपीएमसी(HPMC) के रेट कम होंगे तो निजी कंपनियों को भी कम रेट पर सुविधा उपलब्ध करवानी पड़ेगी, लेकिन एचपीएमसी(HPMC) के रेट निजी कंपनियों से अधिक हैं “.
जी.एम हितेश आजाद ने कहा
भंडारण दर बढाने के बाद एचपीएमसी(HPMC) के जी.एम ने कहा कि, “हमने एचपीएमसी सीए स्टोर में जगह बुक करने के लिए उत्पादकों से 12 सितंबर तक मांगें आमंत्रित की हैं. अगर मांग हमारी क्षमता से अधिक है, तो हम ड्रॉ के माध्यम से जगह आवंटित करेंगे”. साथ ही उन्होने कहा की सीए स्टोर के संचालन की लागत बढ़ने के बावजूद बीते साल के मुकाबले किराये में बढ़ोतरी नहीं की गई है . हितेश आजाद ने ये भी कहा निजी सीए स्टोर साल में 12 महीने काम करते हैं, इसलिए कम किराये में काम कर सकते हैं एचपीएमसी(HPMC) के स्टोर सिर्फ सेब के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं. इसलिए किराये में कटौती संभव नहीं है.







