नालागढ़ – हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ कोर्ट परिसर में 29 अगस्त को हुई फायरिंग के पिछे आतंकी कनेक्शन सामने आ रहे है. मामले के तहत पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. जिसमे चार सक्रिय प्रतिभागियों के साथ-साथ उनके हैंडलर-एसोसिएट, फाइनेंसर और बन्दूक आपूर्तिकर्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है. जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार किए गए गैंगस्टर पंजाब और हरियाणा के रहने वाले हैं, जिन्हें दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब से गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गऐ सभी आरोपी बंबीहा गेंग से जुडे हुऐ है.
CCTV में कैद हुए सभी आरोपी
दो बाइक पर आए चार शूटर्स कोर्ट परिसर के बाहर रैकी कर रहे थे, और फिर आरोपीयों ने शूट आउट को अंजाम दिया. फायरिंग के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे. सूत्रों की मानें, तो पाकिस्तान और यूरोप से रची गई साजिश के गुर्गे CCTV में कैद हुए हैं.
फायरिंग के बाद मोगा में ली पनाह
जांच में यह भी पता चला कि एक आरोपी प्रतीक सिंह फायरिंग के बाद मोगा पहुंचा और डिग्री कॉलेज के सरकारी चपरासी हरजिंदर सिंह और राहुल दोनों ने उसे पनाह दी. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया है. शासकीय चपरासी हरजिंदर सिंह ने बताया कि एक दोस्त जस्सू के कहने पर लंबे समय तक सोशल मीडिया पर प्रकाश सिंह को 30 अगस्त को पनाह दी गई थी, उस समय आरोपी प्रकाश सिंह के पास पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक बाइक थी, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया. ले लिया है.
क्या है मामला?
29 अगस्त को हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ कोर्ट से विक्की मिददुखेड़ा हत्याकांड के एक मुख्य आरोपी शूटर्स सन्नी उर्फ लेफ्टी को कोर्ट परिसर के बाहर से छुड़ाने के लिए बमबीहा गैंग के गैंगस्टरों ने फायरिंग की थी, पर वो सन्नी को छुड़ाने में कामयाब नहीं हो पाए थे. गोलियां चलाने के बाद आरोपी मौके से भाग गए थे.


