
ब्यूरो- आतंकवाद और टेरर फंडिंग पर नकेल कसने के लिए देश की दूसरी एजेंसियों की ओर से लगातार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के कई ठिकानों पर हुई छापेमारी में अब तक 247 लोग हिरासत में लिए जा चुके हैं। बता दें कि, इससे पहले बीते गुरूवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आतंकवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी कार्रवाई की थी। इस दौरान NIA और ED ने 13 राज्यों में छापे मारकर 100 से ज्यादा पीएफआई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था।
असम, कर्नाटक, महाराष्ट्र और दिल्ली समेत तक़रीबन आठ राज्यों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं के घर पर पुलिस की छापेमारी चल रही है. इस कार्रवाई में 247 लोग हिरासत में लिए गए हैं। मिली जानकारी मुताबिक अब तक उत्तर प्रदेश में 44, कर्नाटक में 72 लोगों को, असम में 20 लोगों को, दिल्ली में 32 को, महाराष्ट्र में 43 को, गुजरात में 15 को, और एमपी में 21 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पीएफआई पर लगातार हो रही छापेमारी में आने वाले दिनों में हिरासत में लिए लोगों की संख्यां बढ़ने की संभावना है। आठ राज्यों में छापेमारी के दौरान हिरासत में लिए गए पीएफआई के सदस्यों और संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
पॉपुलर फ्रट ऑफ इंडिया (PFI) यानी पीएफआई क्या है?
पीएफआई का गठन साल 2007 में हुआ था और ये संगठन दक्षिण भारत में तीन मुस्लिम संगठनों का विलय करके बना था। इनमें केरल का नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट, कर्नाटक फोरम फॉर डिग्निटी और तमिलनाडु का मनिथा नीति पसराई शामिल है। सूत्रों के मुताबिक पुरे देश में हाल फिलहाल 23 राज्यों में यह संगठन सक्रिय रूप से काम कर रहा है और इसकी कई शाखाएं भी मौजूद हैं। गौर करने वाली बात है कि स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट यानी सिमी पर बैन लगने के बाद पीएफआई का विस्तार तेजी से हुआ है। दक्षिण भारतीय राज्यों ख़ासकर कर्नाटक और केरल में इस संगठन की काफी मज़बूत पकड़ बताई जाती है। इससे पहले भी इस संगठन पर देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं।







