
ब्यूरो रिपोर्ट: पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया, यानी PFI के ठिकानों पर छापेमारी के बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बड़ी कार्यवाई करते हुए इस्लामिक संगठन को आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है. PFI के अलावा सरकार ने इससे जुड़े आठ अन्य संगठनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. गौरतलब है कि पिछले लगभग दो सप्ताह से पीएफआई के अलग-अलग ठिकानों पर देशभर में एनआईए और दूसरी एजेंसियां छापेमारी कर रही थी जिसमें तक़रीबन 300 से ज़्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है और लगातार संदिग्धों से पूछताछ चल रही है.
जांच एजेंसियों का दावा है कि उन्हें PFI के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले हैं जिसपर गौर करने के बाद गृह मंत्रालय ने PFI को UAPA के तहत ‘गैरकानूनी’ संगठन घोषित किया है. आपको बता दें कि देश के अलग-अलग राज्यों में हुई छापेमारी के दौरान ज़ब्त हुए सामान में बम बनाने से जुड़ी किताबें, IED बनाने की सामग्री भी शामिल है.
बुधवार सुबह ही केंद्रीय गृह मंत्रालय के द्वारा PFI तथा सभी सहयोगी संगठनों पर पाबंदी की अधिसूचना जारी करने के बाद से ही देशभर में राजनितिक, गैर-राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने बयान देकर फैसले का स्वागत किया है, वहीँ दूसरी ओर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि पीएफआई पर बैन लगाने से पहले आरएसएस पर बैन लगना चाहिए. लालू प्रसाद यादव ने कहा कि ‘पीएफआई पर जांच हो रही है. पीएफआई की तरह जितने भी संगठन हैं सभी पर प्रतिबंध लगाना चाहिए जिसमें आरएसएस भी शामिल है.







