
अनुपमा/खबरनाउ: हिमाचल प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने सचिवालय शिमला में प्रमुख सचिव राजस्व एवं सचिव कार्मिक/वित्त हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ बैठक कर राजस्व अधिकारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की. योग्य सचिवों से चर्चा करने के बाद यह पाया गया कि हमने हिमाचल प्रदेश सरकार के खिलाफ किसी भी कड़े या नरम आंदोलन का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिलने वाला है. योग्य सचिवों हिमाचल प्रदेश सरकार ने हालांकि आने वाली कैबिनेट बैठकों में किसी भी सकारात्मक परिणाम के लिए प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया.
इसके साथ हिमाचल प्रदेश राजस्व अधिकारी संघ के अधिकारियों ने कल शाम एक आभासी बैठक में सर्वसम्मति से राज्यव्यापी सामूहिक आकस्मिक अवकाश के विचार को छोड़ने का फैसला किया. लेकिन हम आदर्श आचार संहिता लागू होने तक काला बैज जारी रखेंगे.
कार्यकारी निकाय के निर्देशों/निर्णयों के माध्यम से राज्यव्यापी एकमत और एकजुटता दिखाने के लिए राजस्व अधिकारियों में से प्रत्येक पर मुझे गर्व है. हम निश्चित रूप से निकट भविष्य में कार्रवाई की किसी भी कठोर प्रक्रिया को निश्चित रूप से जारी रखेंगे.
हम राजस्व अधिकारी हमेशा आम जनता में सरकारी योजनाओं को लागू करते हैं और उसके लिए हमें संसाधनों और बुनियादी ढांचे की आवश्यकता होती है लेकिन हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसी भी कीमत पर राजस्व बिरादरी से कोई भी बात न करने का फैसला किया है.
हिमाचल प्रदेश सरकार के कार्मिक और वित्त विभाग के अड़ियल रवैये को ध्यान में रखते हुए हम अपनी आगे की कार्रवाई के रूप में काले बिल्ले को टैग करेंगे. मैं राजस्व बिरादरी के सदस्यों से हिमाचल में आदर्श आचार संहिता लागू होने तक काले बैज को सहन करने की अपील करता हूं.
राज्य पटवार कानूनगो संघ के हमारे राज्यव्यापी सामूहिक आकस्मिक अवकाश आंदोलन में शामिल होने के लिए समर्थन के लिए धन्यवाद. राज्य राजस्व अधिकारी संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री अनिल मनकोटिया, महासचिव श्री एच एल घेजटा, उपाध्यक्ष श्री मित्तर देव, संजीव प्रभाकर, अन्य अधिकारी श्री मुल्तान बन्याल, विवेक नेगी, रमन ठाकुर, विपिन वर्मा, वेद प्रकाश, सुश्री मेघना गोस्वामी, सुश्री अनुजा, सुरभि नेगी, अपूर्व, सार्थक, हुसैन चौधरी, जय एस ठाकुर, भूपेंद्र कश्यप, गणेश ठाकुर, नारायण वर्मा, शीश राम, संजीत इस कार्यकारिणी की बैठक में जसपाल, दीक्षांत, डॉ मुकुल शर्मा भी मौजूद रहे.



