सोनिया, खबरनाउ: यूरोपीय संघ ने सभी मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप और कैमरा के लिए 2024 तक एक सिंगल चार्जर अनिवार्य करने के कानून को लागू कर दिया है. ये सिंगल चार्जर टाइप सी होगा. चार्जर टाइप सी होगा. सभी डिवाइस के लिए एक ही चार्जर होने पर लोगों काफी फायदा होगा. इस फैसले के बाद एप्पल जैसी बड़ी कंपनी के सेल पर असर पड़ सकता है. हालाँकि इस प्रस्ताव के बाद कई लोगों का मानना है की एप्पल का डिवाइस भी सिंगल चार्जर के बाद ज़्यादा बिक्री कर सकेगा. वैसे तो ऐप्पल अपने iPad, Macbook और स्मार्टवॉच के साथ तो सी-टाइप चार्जर ही देता है. लेकिन iPhone के साथ अभी भी लाइटनिंग केबल आती है. इस आदेश के बाद ऐप्पल को iPhone के साथ भी सी-टाइप चार्जर देना पड़ेगा.
बता दें कि साल 2021 में यूरोपीय आयोग ने इ-वेस्ट में कटौती करने के मकसद से इस प्रस्ताव को पहली बार सामने रखा था. साथ ही इसका मकसद उपभोगता के पैसे बचाना था जो बार बार अलग डिवाइस खरीदने पर केबल खरीदने पर होता है. जानकारी मुताबिक एक साल में अंदाज़न 2,000 करोड़ रुपये जो सिर्फ यूरोपियन यूनियन के देशों का आंकड़ा है. बहरहाल इस मामले पर यूरोपियन संघ के 27 देशों के कुल 602 लॉ-मेकर्स ने इसके पक्ष में वोट डाला है जबकि 13 लोगों ने इसके ख़िलाफ़ वोटिंग की. अब यह नियम 2023 के शुरुआत से लिखित क़ानून बन जाएगा, और साल 2024 के अंत तक ईयू के सभी देशों में लाइटनिंग चार्जर ख़त्म हो जाएगा.
भारत में भी सरकार ‘समान चार्जर पालिसी’ पर काम रही है जिसके तहत One Nation, One Charger को लागू किया जाएगा. इस बाबत केंद्र सरकार ने एक्सपर्ट कमेटी को दो महीनों में अपनी रिपोर्ट देने को कहा है.








