अनुपमा/खबरनाउ: हर साल 17 अक्टूबर को विश्व आघात दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह दिन दुनिया भर में मृत्यु और विकलांगता के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और चोटों की बढ़ती दर को रोकने के उद्देश्य से मनाया जाता है.
यह देश में सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों की उच्च संख्या का परिणाम था, अनुमान है कि हर दिन 400 से अधिक लोग इससे अपनी जान गंवाते हैं. सड़क यातायात दुर्घटना (आरटीए) दुनिया भर में आघात का प्रमुख कारण है.
चोट कई कारणों से हो सकती है जैसे सड़क दुर्घटनाएं, आग लगना, जलना, गिरना, हिंसा का कार्य और अपराध जो अस्थायी या स्थायी विकलांगता का कारण बनते हैं जबकि अन्य मृत्यु का कारण भी बन सकते हैं. दर्दनाक अनुभव घरेलू दुर्व्यवहार, बाल शोषण, शारीरिक यातना, मानसिक यातना, प्राकृतिक आपदा, युद्ध और यौन हमलों से भी हो सकते हैं. इन अनुभवों के परिणामस्वरूप अभिघातजन्य तनाव विकार हो सकता है.
इस दिन, जागरूकता फैलाएं और आघात से पीड़ित लोगों की यात्रा का समर्थन करें और उनकी उपचार यात्रा का हिस्सा बनें. ऐसा करके हम आघात से प्रभावित लोगों के जीवन में बदलाव ला सकते हैं. हमें जागरूकता पैदा करनी चाहिए कि हम खुद को और अपने आस-पास के सभी लोगों को आघात से पीड़ित न होने दें या रोकें, किसी भी प्रकार के आघात के खिलाफ अपनी आवाज उठाएं और जितना हो सके आघात से बचे लोगों की मदद करें.







