शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की क़ानून व्यवस्था पूरी तरह चौपट है। प्रदेश में अराजकता का माहौल है। पुलिस महकमें का मुखिया महीनें भर की छुट्टी पर हैं, किसी और को अब तक डीजीपी का चार्ज नहीं दिया गया है। जो अधिकारी इस समय कार्यक्रम रहे हैं वह राजनैतिक बयान दे रहे हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री बेतुकी बातें कर रहे हैं। एक युवक की बेरहमी से हत्या हुई है और मुख्यमंत्री चाहते हैं कि हम चुप बैठ जाएं। लेकिन न्याय की इस लड़ाई में हम पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और हमेशा खड़े रहेंगे।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आरोपित के घर में आग लगाने का काम युवा मोर्चा ने नहीं किया। इसलिए आरोपों की राजनीति छोड़कर मुख्यमंत्री क़ानून व्यवस्था पर भी ध्यान दें। उन्होंने कहा कि आरोपित के घर में जब आग लगी तो उस समय पुलिस क्या कर रही थी। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ता थाने का घेराव कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पुलिस को राजनैतिक बयानबाजी छोड़कर क़ानून व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए। जिससे पीड़ित को न्याय और आरोपित को सज़ा मिल सके। उन्होंने कहा कि क्या अन्याय के ख़िलाफ आवाज़ उठाना अपराध है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री को किसी मृतक के परिवार तक जाने से रोका जा रहा है। ऐसी असंवेदनशील और गैरजिम्मेदार सरकार प्रदेश में पहली बार आई है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सुक्खू सरकार बताए कि मृतक मनोहर के परिवार से मिलने से प्रदेश को किस प्रकार का खतरा था, सरकार ऐसी क्या चीज छुपाना चाहती है।नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि इस तरह की तानाशाही से हम हिमाचल की परम्परा को नहीं तोड़ने देंगे।
एनआईए जांच के लिए लिखना सरकार का काम है
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि मामले की जाँच एनआईए से करवाने की ज़िम्मेदारी सरकार की है। वह इस मामले को एनआईए को सौंपने के लिए पत्र लिखे।उन्होंने कहा कि हमारा काम आरोपित की संदिग्ध गतिविधियों को सरकार के संज्ञान में लाना था। अब सरकार को उस पर कार्रवाई करते हुए इस माामले की जांच एनआईए से करवानी चाहिए।







