शिमला, 23 जनवरी,2025 हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड एम्प्लाइज एवं इंजीनियर के जॉइंट फ्रंट ने आज यहां बोर्ड़ मुख्यालय, शिमला में बैठक कर युक्तिकरण के नाम पर बिजली बोर्ड़ में कार्यन्वयन पदों को समाप्त करने की प्रक्रिया का पुरजोर विरोध किया। जॉइंट फ्रंट के सयोंजक ई0लोकेश ठाकुर व सह सयोंजक हीरा लाल वर्मा ने कहा कि आजकल बिजली बोर्ड में कार्यन्वित पदों को समाप्त करने की प्रक्रिया को युद्धस्तर पर किया जा रहा है जिसके लिए रात को 10 बजे व छुट्टी के दिन भी कार्यलय लगाए जा रहे है यह हैरानी की बात है।
उन्होंने कहा काश! बिजली बोर्ड प्रवंधन वर्ग इतनी ततपरता बिजली के उथान से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर दिखाता तो बिजली बोर्ड की आज यह दयनीय स्थिति न होती। जबकि युक्तिकरण से कर्मचारियों के पदों को खत्म कर सरप्लस किया जा रहा है जिससे एक ओर कर्मचारियों की सेवाशर्ते बुरी तरह से प्रभावित होगी वहीँ विद्युत उपभोक्ताओं को दी जा रही सेवायों में भी विपरीत असर पड़ेगा।
बिजली बोर्ड पिछले दो दशकों से कर्मचारियों के अभाव से जूझ रहा है और बिजली बोर्ड की संख्या मात्र 13800 रह गई है जबकि नवें के दशक में बोर्ड में 43000 कर्मचारी हुआ करते थे। आज बोर्ड़ लाइन, सबस्टेशन व अन्य ढांचे में कई गुना वृद्धि हुई है वहीं उपभोक्ताओं की संख्या 6 लाख से 30 लाख हो गई है लेकिन यह हैरानी की बात है बोर्ड प्रवंधन बिजली व प्रदेश सरकार बोर्ड में भर्ती के बजाए कर्मचारियों की संख्या नीचे लाने में युद्धस्तर पर कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा बोर्ड़ प्रवंधन की इस कार्यप्रणाली से आज बिजली बोर्ड के कर्मचारियों में जहां अनिश्चितता का माहौल बना है वहीं सब भारी तनाव में कार्य कर रहे है। बिजली बोर्ड में जिन 1030 टी0मेट के पदों के लिए नई भर्तियों की प्रक्रिया चल रही थी उसको प्रदेश सरकार द्वारा रोक दिया गया है वहीं चयन आयोग से बिजली बोर्ड के लिए चयनित हो कर आये लगभग 140 जे0ओ0ए0 (आई0टी0) की नियुक्तियां पर रोक तक लगा दी गई है। वहीं बोर्ड में पिछले 6 माह से पदोन्नतियां नहीं की जा रही है जिससे कर्मचारी बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्त हो रहे है। वहीं कर्मचारियों के सेवानिवृत्त पर मिलने बाले लाभो को रोक दिया गया है। इतना ही नहीं बिजली कर्मचारियों को पुरानी पेंशन से बंचित रखा गया है।
उन्होंने कहा सरकार द्वारा बिजली बोर्ड में पिछले दो बर्षों से नये -नये प्रयोग ,किये जा रहे है जिससे आज बिजली बोर्ड़ को एक गम्भीर स्थिति में धकेल दिया गया है यह रास्ता बोर्ड़ को सीधा निजीकरण की ओर ले जाएगा । उन्होंने कहा कि आज बिजली बोर्ड से जुड़े कर्मचारियों व पेंशनर्ज के पच्चास हज़ार परिवारों में जहां संशय का माहौल बना हुआ है वहीं भारी आक्रोश भी है। ऐसी परिस्थितियों में जॉइंट फ्रंट ने फरवरी,2025 में बिजली कर्मचारियों व पेंशनर्ज की महापंचायत करने का फैसला लिया है जिसमें हजारों की तायदाद में कर्मचारी, पेंशनर्ज व विद्युत उपभोक्ता भाग लेंगे।







