कांगड़ा का बालाजी अस्पताल सुरक्षा के कारणों से सील
टांडा में हुई तिबतियन कि मौत का मामला…..
टांडा में हुई एक तिबतियन के मौत के मामले में जिलाधीश कांगड़ा राकेश प्रजापति ने कहा कि ये मरीज पहले कांगड़ा के बालाजी हॉस्पिटल में उपचाराधीन था। लेकिन वहां तबियत खराब होने के बाद इसे उपचार के लिए टांडा मेडिकल कॉलेज लेजाया गया जहां इसकी मौत हो गयी। उन्होंने यह भी कहा कि ये मामला कोरोना का है या नहीं इसकी रिपोर्ट आना बाकी है। अब सवाल यह है कि जब यह मरीज बालाजी अस्पताल भर्ती किया गया था तो उस समय अस्पताल प्रशाशन ने इसकी जानकारी प्रशाशन को क्यों नहीं दी? जब अस्पतालों को प्रशाशन के आर्डर हैं कि इस तरह के लक्षण वाले मरीजों को एडमिट करने से पहले टांडा हॉस्पिटल या अन्य सरकारी हॉस्पिटल की NOC लेना जरूरी है कि मरीज को कोरोना नही है। तो फिर इस पर बालाजी अस्पताल ने ऐसी कोई कार्यवाही क्यों नहीं की। जानकारी के अनुसार प्रशाशन ने बालाजी अस्पताल को सील तो किया है लेकिन अभी तक अस्पताल मैनेजमेंट पर कार्यवाही की कोई बात सामने नहीं आयी है।
आखिर क्यों हुई इतनी बड़ी चूक..
सवाल ये उठ रहे हैं कि काँगड़ा का इतना बड़ा अस्पताल ऐसी चूक कैसे कर सकता है? अगर इस मरीज़ में कोरोना के लक्षण आते हैं तो कई और लोगों का जीवन भी खतरे में आ सकता है।






