संवाददाता, शिमला : हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के पौंग बांध अभ्यारण्य में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रदेश भर में अलर्ट जारी किया गया है। निरीक्षण टीमें गठित कर दी गई हैं। चिड़ियाघरों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। झीलों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
336 और प्रवासी पक्षियों की मौत
इसी बीच मंगलवार को भी पौंग में 336 और प्रवासी पक्षी मृत मिले हैं।
हैदराबाद से पहुंची विशेष टीम
बर्ड फ्लू की रोकथाम के लिए हैदराबाद से विशेषज्ञों की टीम पहुंच गई है। यह टीम पौंग बांध एरिया में फ्लू के कारणों और इसकी रोकथाम पर काम कर रही है।
पौंग बांध के पानी में भी वायरस की आशंका
वहीं, क्षेत्र में आवारा कुत्ते मृत पक्षियों को उठाकर ले जा रहे हैं, जिससे जांच में जुटी टीम की चिंता बढ़ गई है। ये कुत्ते रात के समय स्थानीय लोगों के घरों में भी पहुंच रहे हैं जिससे हड़कंप की स्थिति है। पौंग बांध के पानी में भी वायरस की आशंका है। लिहाजा, पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए धर्मशाला स्थित जल शक्ति विभाग की लैब में भेजे गए हैं।
मृतक पक्षियों को नष्ट करने के लिए 10 टीमों का गठन
वन्य प्राणी जीव विभाग ने 207 वर्ग किलोमीटर में फैले पौंग बांध अभयारण्य क्षेत्र में मृत प्रवासी पक्षियों की खोजबीन और उन्हें नष्ट करने के लिए 10 टीमों का गठन किया है। कुछ स्थानीय कामगारों की भी मदद ली जा रही है। कुल 60 लोगों की टीम सक्रिय है।
2,403 पहुंचा मृतक परिंदों का आंकड़ा
सात दिन के भीतर मृतक परिंदों का आंकड़ा 2,403 पहुंच गया है। देहरा, ज्वाली, इंदौरा और फतेहपुर उपमंडल में पोल्ट्री फार्मों और चिकन शॉप से भी नमूने लिए गए हैं।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक संजीव धीमान ने बताया कि वन्य प्राणी, स्वास्थ्य, जल शक्ति, पुलिस एवं पशुपालन विभाग तालमेल बनाकर चल रहे हैं।
जल शक्ति विभाग धर्मशाला के अधिशाषी अभियंता सरवण ठाकुर ने बताया कि पानी के सैंपलों की रिपोर्ट एक-दो दिन में आ जाएगी। बर्ड फ्लू से प्रभावित चारों उपमंडलों में पीने के पानी में ब्लीचिंग पाउडर की मात्रा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


