चंडीगढ़।कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव ने आम जनता की मुश्किलें बढ़ा दी है और ऐसे समय में पिछले दिनों पंजाब से cv200 वेंटिलेटर (Ventilators में गड़बड़ियों की खबरें भी इस सामने आई थी, जिसको लेकर cv200 वेंटिलेटर बनाने वाले सरकारी उपक्रम बीईएल ने 12 मई को आनन-फानन में निरीक्षण के लिए अपनी टीम भेजी और इस टीम ने गुरु गोविंद मेडिकल कॉलेज फरीदकोट जाकर जांच की तो इस टीम ने पाया कि इस मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर्स के इस्तेमाल के लिए बताए गए दिशा-निर्देशों का सही ढ़ंग से पालन नहीं किया गया जिसके चलते मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस टीम की ओर से वहां के स्टाफ को कई बार बताया कि कैसे ये वेंटीलेटर काम करता है. मगर फिर भी ये गड़बड़ी देखने को मिली।
बीईएल ने इस बाबत केंद्रीय स्वस्थ्य मंत्रालय को एक चिट्ठी भी लिखी जीसमें बताया गया कि जीजीएमसी फरीदकोट के इन्फ्रास्ट्रक्टर में कई कमियां थी, जिसके कारण ये दिक्कत आयी. पत्र में कई खामियां भी गिनवाई गई जैसे सेंट्रल ऑक्सीजन गैस लाइन में पर्याप्त दबाव की कमी थी, साथ ही बैक्टिरिया फ़िल्टर और एचएम ई फ़िल्टर या तो बदले नहीं गये या फिर इनके बिना ही वेंटिलेटर्स का इस्तेमाल किया गया।
बीईएल ने कहा की पूरे पंजाब के मेडिकल कॉलेज में इसके इस्तेमाल करने के मैन्युअल का पालन नहीं हुआ. बीईएल ने पंजाब के सभी मेडिकल कॉलेज को सलाह दी है कि वे सभी दिशा-निर्देशों पालन करे, तभी ये वेंटिलेटर्स सही तरीके से काम करेंगे।
CV200 वेंटिलेटर को कोट्टयम के सरकारी मेडिकल हॉस्पिटल में भी लगाया गया है, लेकिन इसे बनाने वाले सरकारी उपक्रम बीईएल ने फ्लूक वेंटिलेटर एनालाइजर से इसकी जांच करवायी. बीईएल ने कहा कि ये शत प्रतिशत सही नतीजे दे रही है।
सरकार ने कुल 60858 वेंटिलेटर खरीदे थे. इसमें पीएम केयर के तहत 58000 की खरीद की गयी थी. यानी ये पीएम केयर्स के तहत कुल 96 फीसदी हिस्सा था. ये मेड इन इंडिया प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की कोशिश थी, लेकिन अप्रैल में कई राज्यों के हॉस्पिटल में ये वेंटिलेटर नहीं लगे.
बेल ने अब तक करीब 30,000 वेंटीलेटर्स इंस्टॉल किए हैं. ये वेंटीलेटर्स 1800 से ज्यादा अस्पतालों की 775 लोकेशन पर इंस्टॉल किए गए हैं. बेल ने 24 घंटे सातों दिन मदद के लिए एक हेल्पलाइन नंबर और ईमेल एड्रेस भी जारी किया है।







