चंडीगढ़। पंजाब सरकार के द्वारा ग्लोबल टेंडर के ज़रिए राज्य में वेक्सिन आपूर्ति के लिए, वेक्सिन की ख़रीद के लिए किए जा रहे प्रयासों पर अब विराम लग गया है। पिछले दिनों पंजाब सरकार की ओर से कोरोना वैक्सिन निर्माता कंपनीयों से सीधे राज्य के लिए वैक्सीन उत्पादन करने की बात कही थी मगर कंपनी ने जवाब में किसी निजी संस्थान और राज्य को वैक्सीन आपूर्ति करने से मना कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पंजाब राज्य में टीकाकरण का पहला और दूसरा चरण रोक दिया गया है और इसकी वजह है पंजाब सरकार के पास वैक्सीन डोज की कमी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद इस समस्या को देखते हुए पंजाब सरकार के अधिकारियों के द्वारा कोरोना वैक्सीन निर्माता कंपनियों को पत्र लिखे गए जिसमें राज्य को सीधे तौर पर वैक्सीन उपलब्ध करवाने की मांग की गई थी। इसमें लगभग सभी कंपनियों को पत्र लिखे गए जो कोरोना की वैक्सीन बनाती है। स्पूतनिक v, फाइजर, मौडरैना आदि सभी कंपनियों को ग्लोबल टेंडर के जरिए सीधी पंजाब सरकार को वैक्सीन उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया।
इसको लेकर केवल मौडरैना की ओर से पंजाब सरकार को जवाब मिला जिसमें पंजाब सरकार से सीधे तौर पर वैक्सीन की बेच को लेकर इनकार कर दिया, और जवाब में बताया गया कि, कंपनी भारत सरकार के अलावा किसी भी राज्य या निजी कंपनी के साथ टेंडर करने के लिए मुक्त नहीं है। ऐसे में इनका कहना है कि वैक्सीन की उपलब्धता ना होने के कारण पहले और दूसरे चरण का टीकाकरण पिछले कुछ दिनों से पंजाब में रुक गया है…अब इंतजार है वैक्सीन की उपलब्धता का, ताकि जल्द से जल्द करण अभियान को पुन: गति मिल सके।







