शिमला। हिमाचल प्रदेश की जयराम सरकार अब मेधावी छात्रों को लैपटॉप की जगह टैब देने जा रही है। प्रदेश के स्कूल कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब 19 हजार से ज्यादा मेधावी छात्रों को टैब बांटे जाएंगे। इस से पूर्व प्रदेश सरकार की ओर से लैपटॉप बांटे जाते थे मगर अब इनकी जगह टैब ले लेंगे।
लैपटॉप की जगह छात्रों को टैब देकर अपना करोड़ों का बजट भी बचाएगी। बता दें कि प्रदेश सरकार हर साल मेधावी छात्रों को लैपटॉप खरीद पर 40 करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च करती थी, लेकिन अब छात्रों को टैब दिए जाएंगे, तो इस इस हर्ष में भी कमी आएगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश सरकार को मेधावी छात्रों को टैब देने के लिए 16 से 17 करोड़ खर्च करने पड़ेंगे। अहम यह है कि अगले साल जो टैब छात्रों को मिलेगे, उसमें पहले से ही अध्ययन सामग्री उपलब्ध होगी।
सरकार के प्रोपोजल के अनुसार टैब में पहले से ही शिक्षा विभाग के स्टडी से संबधित सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए होंगे, ताकि मेधावी छात्र इन टैब का अपनी शिक्षा के लिए ही इस्तेमाल कर सकें। बता दें कि सरकार ने इस साल से मेधावी छात्रों को स्मार्ट डिवाइस देने का प्रोपोजल तैयार किया था। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस प्रोपोजल में मोबाइल व टैब देने का सुझाव सरकार को दिया था। इसी के चलते अभी तक 2021-2022 के मेधावी छात्रों को टैब देने पर ही सहमति बनी है।
आपको बता दें कि दसवीं, बारहवीं और कॉलेज के टॉपर छात्रों को हर साल लैपटॉप दिए जाते थे जिसे कई मेधावी छात्रों को फायदा पहुंचता था मगर अब लैपटॉप कि स्थान पर टैब देने की बात की जा रही है और जल्द ही इस बात पर मुहर लग सकती है।

