हाटकोटी मंगलवार को ग्राम सभा मान्दल के पंचायत घर में अखिल भारतीय पंचायत परिषद नई दिल्ली एवं हिमांचल प्रदेश राज्य पंचायत परिषद के तत्वाधान में पंचायत प्रतिनिधियों का एक राज्य सम्मेलन सम्पन्न हुआ। जिसमें हिमाचल प्रदेश राज्य पंचायत परिषद की कार्य समिति का गठन किया गया। इस क्रम में यहाँ सर्वसम्मति से श्वेता ठाकुर को राज्य पंचायत परिषद की अध्यक्ष के पद पर चुना गया और इसके अलावा महासमिति के लिये 12 लोगों का चयन हुआ।
दिल्ली से परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष वाल्मिकी प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय महा सचिव स० के० सिंह एवं परिषद की महिला मोर्चे की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्वेता ठाकुर ने भाग लिया। सम्मेलन के मुख्य वक्ता एवं परिषद के अध्यक्ष बाल्मिकी प्रसाद सिंह ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि 1992 में संविधान की 11वीं अनुसूची आर्टिकल 243 G के अनुसार पंचायतों को संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ और सभी 29 विषयों को पंचायतों को देने की बात संविधान में की गयी, लेकिन 29वर्षों में 29 में से एक भी विषय पंचायतो को नहीं दिया गया। जब कि प्रधान मंत्री ने 24 अप्रैल 2020 को पंचमत दिवस के अवसर पर यह घोषणा कर दी थी कि पंचायतो को आत्म निर्भर होना है और स्वामित्व हम देंगे। जब स्वामित्व की बात प्रधान मंत्री ने कर दी तो राज्य सरकारों को चाहिए कि सभी 29 विषयों को पंचायतों को सौंप दे। जिससे आत्म निर्भर ग्राम सभा और ग्राम स्वराज्य की महात्मा गाँधी की परिकल्पना को साकार किया जा सके और देश में सही अर्थों में जायती राज कायम हो सके। परिषद के राष्ट्रीय महासचिव एस के सिंह ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकारों द्वारा वासूले जा रहे GST में पंचायत और ग्राम सभा की भी उसमें हिस्सेदारी सुनिश्चित होनी चाहिए तभी पंचायतें स्वतंत्र और आत्मनिर्भर हो सकेगी।
महिला मोर्चे की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्वेता ठाकुर ने कहा कि त्रीस्तरीय पंचायत व्यवस्था में महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति और अधिक जागरूक होना होगा और अपने संवैधानिक अधिकारों का समुचित प्रयोग करना होगा। मैं गाँव के स्तर पर महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बना कर उन्हें आर्थिक, शैक्षणिक और सामाजिक रूप से सुदृढ़ और सम्पन्न बनाने का में पूरा प्रयास करूंगी, ताकि ये ग्रामीण महिलाएं भी हर स्तर पर पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर चल सकें।
सम्मेलन मे मुख्य रूप से बलवीर शर्मा प्रधान ग्राम पंचायत मान्दल, नरवीर चौहान उप प्रधान, बलवीर ठाकुर पूर्व प्रधान, विनोद सुब्रेटा पूर्व उप प्रधान, चमन शर्मा पूर्व उप प्रधान, भारत सरकार के विधि मन्त्रालय से अवकाश प्राप्त संयुक्त सचिव सीताराम मौजूद रहे और मंच से से अपने विचार भी रखे।


