स्पेशल डेस्क : हिमाचल प्रदेश में अटल टनल रोहतांग पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रही है। यह टनल एक टूरिस्ट प्वाइंट बन गया है। आलम यह है कि एक महीने में यहां से 1 लाख से ज्यादा वाहन गुजरे हैं। बीते साल के मुकाबले यहां 167 प्रतिशत ट्रैफिक बढ़ा है।
इस साल नवंबर महीने में करीब 1,02, 920 वाहन टनल से गुजरे हैं। इनमें अधिकतर वाहन पर्यटकों के ही हैं, जो कोकसर और सिस्सु में बर्फ के दीदार के लिए पहुंचे हैं। पिछले साल नवंबर महीने में वाहनों का आंकड़ा 38,496 था, जबकि इस साल नवंबर में यह आंकड़ा एक लाख को पार कर गया। अटल टनल के बनने के बाद लाहौल सैलानियों की पसंदीदा टूरिस्ट प्लेस बन गया है।
पुलिस की माने तो नवंबर माह में कोई दुर्घटना भी नहीं हुई है। इसके लिए अटल टनल रोहतांग नार्थ पोर्टल यूनिट इंचार्ज, असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर धीरज सेन और संपूर्ण उत्तर पोर्टल इकाई के समर्पित प्रयासों और अटूट प्रतिबद्धता का एक विशेष योगदान रहा है। पूरी यूनिट में तीसरी भारतीय रिजर्व बटालियन पंडोह के कर्मी भी शामिल हैं। एटीआर नार्थ पोर्टल यूनिट ने यह सुनिश्चित किया है कि हर यात्री और पर्यटक को सुरक्षित ड्राइविंग स्थितियों के बारे में सूचित किया जाए।
क्याें है पर्यटकों की पसंद
बता दें कि अटल टनल रोहतांग का जून 2010 में शिलान्यास हुआ था और तीन अक्टूबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन किया। दस हजार फीट से ज्यादा ऊंचाई पर यह दुनिया की सबसे लंबी 9.2 किलोमीटर की टनल है। अटल टनल का छोर मनाली की तरफ से सुहानी वादियों से शुरू होता है और दूसरा छोर लाहौल स्पीति में निकलता है। बर्फ से ढकी यह वादियां पर्यटकों को खूब भाती हैं। अटल टनल को 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति के साथ प्रतिदिन 3000 कारों और 1500 ट्रकों के यातायात घनत्व के लिए डिजाइन किया गया है।


