मंडी: प्रदेश के जलशक्ति मंत्री उदघाटन सिंड्रोम से ग्रसित हो गए है, जिसके चलते वह सरकारी धन का सरेआम दुरुपयोग कर रहे हैं। उनके द्वारा जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा हैं। लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंत्री के साथ साथ मंत्री पुत्र को भी शिलान्यास और भूमि पूजन की खुली छूट दे रखी है।
माकपा नेता भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा है की पिछले चार साल से फैशन चल रहा है कि पहले किसी नए विकास काम का भूमि पूजन किया जाता है फिर शिलान्यास होता है। फिर उसी काम में कोई सुधार करना हो तो उसका भी शिलान्यास किया जाता है और फिर उदघाटन होता है। धर्मपुर में जिन कार्यों का मुख्यमंत्री ने आकर उदघाटन व शिलान्यास किया हैं, जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह सरकारी टूअर बनाकर दुबारा उनका शिलान्यास करके टीएडीए का पैसा अपनी जेब में डालते हैं।
वहीं इन कार्यक्रमों में वह जम कर सरकारी गाड़ियां दौड़ाते हैं। जलशक्ति मंत्री जहां सभी मंत्रियों में सबसे ज्यादा टीएडीए वसूलते हैं वहीं उनके साथ अफसरों की 15-20 गाड़ियां चलती हैं। जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि उदघाटन शिलान्यास सिंड्रोम से ग्रसित मंत्री महेंद्र सिंह ने चार साल में जनता के करोड़ों रुपए खर्च कर डाले है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह लूट मुख्यमंत्री की सहमति से हो रही है। माकपा नेता का कहना है कि टिहरा कमलाह और टिहरा पंचायत के हियुन गांव की सड़क का महेंद्र सिंह द्वारा चौथी बार शिलान्यास करके हजारों रुपये बर्बाद किए गये हैं। मंत्री द्वारा एक विकास कार्य के शिलान्यास और उदघाटन का 3-4 बार सरकारी टूअर बनाकर सरकारी खजाने से यात्रा भत्ते लेने वाले मंत्रियों में जल शक्ति मंत्री का प्रथम स्थान हैं।
अपने कार्यकर्ताओं से खुद को देश का सर्वश्रेष्ठ मंत्री कहलाने वाले महेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री ने चार चार गाड़ियां दी हैं जिनका इस्तेमाल बेटा और बेटी करते हैं। एक तरफ जयराम अपनी ईमानदार छवि बनाने के लिए लाखों रुपये के विज्ञापन तथा बोर्डों पर खर्च कर रहे हैं तो दूसरी तरफ उनके सर्वश्रेष्ठ मंत्री चालाकी से सरकारी पैसे से अपनी जेब भर रहे हैं।
भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जलशक्ति मंत्री ने पिछले कल राख-कमलाह से धलौन-टिहरा सड़क पर चोई नाला पर 3 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल का शिलान्यास किया। इस बारे में बड़ी ही रोचक जानकारी यह है कि इसी सड़क का लोकार्पण 24 जनवरी 2020 को मंत्री ने अपने जन्मदिन के मौके पर मुख्यमंत्री जयराम से करवा दिया था। इस एक किलोमीटर दो सौ मीटर सड़क पर कुल साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। इस सड़क पर कुछ समय तक बस सेवा भी शुरू हो गई थी जो उसी वर्ष बरसात में बंद हो गई थी।
दरहसल, इस सड़क पर जो तीन नाले आते हैं वे बरसात में पूरी तरह बह गए थे और अभी तक उन पर डंगे नहीं लगे हैं। कल जलशक्ति मंत्री ने जिस पुल का शिलान्यास किया उसी का शिलान्यास मुख्यमंत्री ने भी 29 नवंबर को धर्मपुर में आयोजित कार्यक्रम से ऑनलाइन कर दिया था। अब उसी पट्टिका को धर्मपुर से लाकर यहां लगाया गया और उसके लिए मंत्री ने फिर से समारोह आयोजित किया जिसमें उनके साथ पूरा सरकारी अमला था जो विभाग से टीएडीए क्लेम करेगा।
भूपेंद्र सिंह ने मंत्री पर आरोप लगाया कि इस सड़क को साढ़े पांच करोड़ रुपये खर्च करके पूरा कर दिया था। उसी समय और उसी बजट से इन नालों में पुल व डंगे भी लगने थे, लेकिन मंत्री ने आनन फानन में अधूरी सड़क का मुख्यमंत्री से लोकार्पण करवा दिया जबकि ये सड़क अधूरी ही थी। जिससे ठेकेदार का फायदा हुआ और अब इसे पूरा करने के लिए करोड़ों रुपए और खर्च करने पड़ रहे हैं। इसी सड़क पर लिंडी छाम्ब नाले, बल्ला नाले व सधोटी के पास भी अभी डंगे लगने हैं जो बरसात में ढह गये हैं।
दूसरी तरफ जलशक्ति मंत्री ने आज टिहरा क्षेत्र के हियुन गांव की बन रही सड़क का पांचवीं बार शिलान्यास करने का भी कीर्तिमान स्थापित किया है। गौरतलब है तनिहार ग्राम पंचायत के हियुन गांव के लिए बनने वाली आठ सौ मीटर सड़क का शिलान्यास वर्ष 2019 में किया गया था।

फिर इस सड़क पर कंक्रीट डालने का मंत्री ने भूमि पूजन किया। उसके बाद इस सड़क को नाबार्ड के तहत बनाने का शिलान्यास किया गया। जिसके बाद 29 नवंबर को मुख्यमंत्री ने धर्मपुर से इसका शिलान्यास किया और आज पांचवी बार मंत्री ने हियुन जाकर उसका शिलान्यास किया।
अब हो सकता है मंत्री जी चुनावों से पूर्व इस सड़क का जब काम शुरू होगा तब फिर से उसे हरी झंडी दिखाकर शुरू करवाएं और सड़क का लोकार्पण होने तक एक दर्जन बार ये प्रक्रिया चलती रहे। भूपेंद्र सिंह ने बताया कि ये दो सड़को के तो उदाहरण मात्र हैं लेकिन मंत्री ने धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र में हुये कार्यों में कई बार भूमिपूजन, शिलान्यास, उदघाटन और लोकार्पण समारोह आयोजित करने का सिलसिला जारी रखा हुआ है।
जनता को गुमराह किया जा रहा है साथ सरकारी खजाने की लूट की जा रही है। उन्होंने कहा कि 29 नवंबर को मुख्यमंत्री ने जिन जिन विकास कार्यों का शिलान्यास धर्मपुर से कर दिया था अब मंत्री उन सभी कार्यों का फिर से शिलान्यास करने में लगे हैं। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि मंत्री ने लगभग हर छोटे से बड़े गांव में अपने नाम के बोर्ड व पटिकायें लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है जिसे वे जल्दी ही पूरा कर लेंगे। इस प्रकार जलशक्ति मंत्री उदघाटन सिंड्रोम से ग्रसित हो चुके हैं जिससे उन्हें बाहर लाने के लिए मुख्यमंत्री को कोई उपाय करना चाहिए।


