सरकाघाट: धर्मपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक व जलशक्ति मंत्री ने अपने बेटे को धर्मपुर का अघोषित विधायक बना दिया है। जिन्हें असवैधानिक तौर पर सरकारी कार्यक्रमों के मुख्यातिथि बनाया जाता है और शिलान्यास भी उन्हीं से करवाए जा रहे हैं। जलशक्ति विभाग की गाड़ी भी मंत्री ने बेटे के सुपुर्द कर दी गई है।
यह 25 लाख की गाड़ी धर्मपुर जलशक्ति मण्डल के तहत क्रय की है जिसे विभाग ने जलशक्ति मंत्री को हैंडओवर किया है लेकिन मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने इस गाड़ी को अपने बेटे को हैण्डओवर कर दिया है। जो इस पर हर रोज़ सवारी करते हैं। माकपा नेता और पूर्व ज़िला परिषद सदस्य भूपेंद्र सिंह ने बताया कि कृषि विभाग द्धारा दो दिन पहले टिहरा ग्राम पंचायत के सकोहटा गांव में कृषि सबंधी कैम्प आयोजित किया जिसमें मंत्री के बेटे को मुख्यथि बनाया गया था।
हालांकि इस जिला परिषद क्षेत्र की ज़िला पार्षद सदस्य वंदना गुलेरिया भी इस शिविर में मौजूद नहीं थी। सरकारी नियमों के अनुसार मंत्री या जनता द्धारा चुना हुआ कोई भी नुमाईंदा अथवा विभागाध्यक्ष ऐसे शिवरों में मुख्य अतिथि होता है लेकिन धर्मपुर में सभी समारोहों में मंत्री का बेटा ही ये भूमिका निभा रहा है। यहां तक की सत्ताधारी दल से ही जुड़ी भाजपा महिला मोर्चा की राज्य महासचिव व मंत्री की बेटी वंदना गुलेरिया को भी अब नजरअंदाज किया जा रहा है।
भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले दिनों इसी ज़िला परिषद क्षेत्र के सजाओपीपलु में भी मंत्री व ज़िला परिषद सदस्य के बजाये मंत्री के बेटे रजत ठाकुर से गृहणी योजना के चूल्हे महिलाओं को वितरित किए गए और वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल भराड़ी के एनएसएस कैम्प का मुख्यातिथि भी मंत्री के बेटे को ही बनाया गया था।
इस प्रकार जलशक्ति मंत्री ने अब जनता द्धारा चुनी हुई ज़िला पार्षद को भी इग्नोर करना शुरू कर दिया है। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जलशक्ति मंत्री पूरी तरह पुत्र मोह में फंस चुके हैं और वे सरकार के नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। जल शक्ति मंत्री गलत हथकंडे अपना कर बेटे को अपने स्थान पर अभी से ही विधायक बना चुके हैं।हालांकि चर्चा ये भी है कि मंत्री अपने स्थान पर इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा का टिकट अपने बेटे को दिलाने के फ़िराक में हैं।
इसलिए विभागीय अधिकारियों को अभी से ही उन्हें बतौर विधायक का दर्जा देने के अघोषित आदेश जारी हैं जिसके चलते विभागीय अधिकारी चुनी हुई ज़िला पार्षद को भी सरकारी समारोहों में बुलाने से परहेज करते हैं।इस कार्यप्रणाली से चुनी हुई संस्थाओं और नुमाईंदों को जो अधिकार प्राप्त हैं उनका मंत्री के द्धारा हनन किया जा रहा है। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि धर्मपुर में पूरी तरह सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है और सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।


